हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पेंशनर्स के बकाया भुगतान को लेकर कई अहम घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपनी आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों और पेंशनर्स के लंबित भुगतान चरणबद्ध तरीके से कर रही है। इसी क्रम में क्लास-1 और क्लास-2 के पेंशनर्स को अक्टूबर की सैलरी-पेंशन के साथ 15 प्रतिशत पेंशन एरियर का भुगतान किया जाएगा।
वहीं, क्लास-3 के पेंशनर्स को उनके बकाया एरियर का 30 प्रतिशत भुगतान किए जाने की बात कही गई है। क्लास-4 के पेंशनर्स को भी 15 प्रतिशत एरियर मिलेगा।
सरकार पर करीब ₹8 हजार करोड़ का आर्थिक बोझ
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार पर पेंशनर्स और कर्मचारियों के बकाया भुगतान का करीब 8 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ है। सरकार अगले सात से आठ महीनों के दौरान अधिक से अधिक लंबित एरियर का भुगतान करने की कोशिश करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आर्थिक स्थिति को संतुलित रखते हुए कर्मचारियों और पेंशनर्स के बकाया का भुगतान करना है। मुख्यमंत्री ने पेंशनर्स से भी सरकार के साथ मिलकर समाधान निकालने की अपील की।

मेडिकल बिलों के भुगतान पर भी स्थिति स्पष्ट
मेडिकल बिलों के लंबित भुगतान को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें बजट की कोई कमी नहीं है। उन्होंने संबंधित विभागों से मेडिकल बिलों के भुगतान के लिए पर्याप्त बजट की मांग करने को कहा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, कई बार विभाग समय पर आवश्यक बजट की मांग नहीं करते, जिसके कारण मेडिकल बिलों का भुगतान अटक जाता है। उन्होंने विभागों को समय पर बजट मांगने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बिजली सेक्टर से आय बढ़ाने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने राज्य के बिजली क्षेत्र का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार बिजली व्यवस्था से होने वाली आय बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है। इसके साथ ही राज्य में इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देने और भविष्य में हाइड्रोजन बसों की दिशा में आगे बढ़ने की बात भी कही।
डीए भुगतान पर भी आगे विचार

सुक्खू ने कहा कि सरकार आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाए रखते हुए कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों से जुड़े मुद्दों का समाधान करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि महंगाई भत्ते (DA) के भुगतान पर भी आने वाले समय में विचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के बीच लंबित देनदारियों का अधिकतम भुगतान किया जा सके और कर्मचारियों तथा पेंशनर्स को राहत दी जाए।