IIT बॉम्बे के 22 वर्षीय छात्र साहिल वाकोड़े की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। साहिल के परिवार ने उसकी मौत को लेकर कई सवाल उठाते हुए मामले की CBI जांच की मांग की है। परिवार का कहना है कि साहिल आत्महत्या नहीं कर सकता था और उसके साथ कुछ गलत हुआ है। वहीं, उसके साथी छात्रों ने भी संस्थान में कथित दबाव, उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं।
साहिल की दादी श्यामलता तायड़े ने मीडिया से बातचीत में कहा कि परिवार यह मानने को तैयार नहीं है कि साहिल ने आत्महत्या की। उन्होंने कहा कि साहिल पढ़ाई में बेहद होनहार था और उसने IIT बॉम्बे में दाखिला पाने के लिए कड़ी मेहनत की थी।
‘वह पढ़ाई में बहुत होनहार था’
श्यामलता तायड़े ने कहा कि साहिल बचपन से ही पढ़ाई में अच्छा था और स्कूल की कक्षाओं में अक्सर प्रथम आता था। वह पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को अपना आदर्श मानता था। दादी के मुताबिक, साहिल ने IIT बॉम्बे में प्रवेश के बाद भी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया था। उनका कहना है कि ऐसे में परिवार के लिए यह स्वीकार करना मुश्किल है कि उसने अपनी जान खुद ली।
उन्होंने बताया कि कॉलेज जाने से पहले साहिल उनसे आशीर्वाद लेने आया था। उस दौरान उसने गांव लौटकर बच्चों का मार्गदर्शन करने की बात कही थी। साहिल चाहता था कि गांव के बच्चे भी आगे बढ़ें और IIT समेत देश के बड़े संस्थानों में शिक्षा हासिल करें।
परिवार ने की CBI जांच की मांग
साहिल की मौत के बाद भावुक दादी ने कहा कि उनके परिवार के साथ अन्याय हुआ है और साहिल पूरे परिवार के लिए उम्मीद था। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी की जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
परिवार ने मामले की जांच CBI से कराने की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?
BTech द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोड़े को 18 सितंबर को IIT बॉम्बे परिसर के हॉस्टल नंबर 4 स्थित उसके कमरे में फंदे से लटका पाया गया था।
संस्थान की ओर से साहिल पर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर ChatGPT का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था। वहीं, परिवार ने दावा किया है कि मौत से पहले साहिल को संस्थागत उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा था।
साहिल के कुछ साथी छात्रों ने भी दावा किया कि वह दबाव में था और उसे निलंबित किए जाने की कथित धमकियां दी जा रही थीं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में एक प्रोफेसर को आरोपी बनाया गया है। पुलिस जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों से ही साहिल की मौत की परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।