पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर ने एक पूर्व न्यायाधीश को कानूनी नोटिस भेजकर उनके उस कथित बयान पर आपत्ति जताई है, जिसमें उन पर रेप केस को दबाने के लिए 5 करोड़ रुपये मांगने का आरोप लगाया गया था। गुरप्रीत कौर ने पूर्व जज से 24 घंटे के भीतर माफी मांगने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
AAP विधायक ने दी नोटिस की जानकारी
आम आदमी पार्टी की विधायक अमनदीप कौर ने इस कानूनी नोटिस की जानकारी सार्वजनिक की। उनके मुताबिक, नोटिस पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एक पूर्व जज को गुरप्रीत कौर की ओर से भेजा गया है। विवाद उस आरोप को लेकर है, जिसमें मुख्यमंत्री की पत्नी पर कथित तौर पर एक रेप मामले को प्रभावित करने के लिए 5 करोड़ रुपये मांगने का आरोप लगाया गया था।
गुरप्रीत कौर ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पूर्व जज से माफी मांगने को कहा है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय में माफी नहीं मांगी गई तो आगे कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
NHRC तक पहुंचा मामला
यह विवाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में दर्ज शिकायत के बाद सुर्खियों में आया। शिकायत लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी (LRO) की ओर से दाखिल की गई थी। इसमें कथित तौर पर एक रिटायर्ड जज द्वारा सार्वजनिक रूप से 5 करोड़ रुपये की मांग किए जाने का उल्लेख किया गया था। शिकायत में पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने और संबंधित साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की गई।
NHRC ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार और पुलिस को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने संबंधित अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी है। शिकायत में यह भी कहा गया कि यदि किसी आपराधिक मामले की जांच को प्रभावित करने का प्रयास हुआ है, तो उसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
विपक्ष ने साधा निशाना
मामला सामने आने के बाद पंजाब की राजनीति में भी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने आरोपों को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी मामले की जांच CBI से कराने की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल कार्रवाई की अपील करते हुए नैतिक आधार पर उनके इस्तीफे की मांग तक कर दी। कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी CBI जांच की मांग की।
AAP ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
विपक्ष के हमलों के बीच AAP विधायक अमनदीप कौर ने गुरप्रीत कौर के खिलाफ लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के कामकाज की आलोचना करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन किसी व्यक्ति की निजी जिंदगी, प्रतिष्ठा या चरित्र को लेकर गलत आरोप स्वीकार नहीं किए जा सकते।
फिलहाल 5 करोड़ रुपये की कथित मांग के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। NHRC की जांच जारी है और पंजाब सरकार तथा पुलिस को रिपोर्ट सौंपनी है। वहीं गुरप्रीत कौर के कानूनी नोटिस के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब सबकी नजर जांच और संबंधित पक्षों के जवाब पर है।