भोपाल के चर्चित ट्रक ड्राइवर-क्लीनर डबल मर्डर केस में करीब 8 साल बाद कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। मुख्य आरोपी आदेश खामरा और उसके साथी जयकरण प्रजापति को दोहरे आजीवन कारावास की सजा दी गई है। मामला सामने आने के बाद पुलिस जांच में ट्रक लूट और हत्या से जुड़ी कई कड़ियां सामने आई थीं। इस केस के फैसले के बाद एक बार फिर आदेश खामरा का नाम चर्चा में है।
दिन में दर्जी, रात में बन जाता था कातिल
आदेश खामरा को लेकर जांच में सामने आया था कि वह दिन में दर्जी का काम करता था, जबकि रात में ट्रक लूटने वाले गिरोह से जुड़ा था। पुलिस के मुताबिक, वह ट्रक चालकों और क्लीनरों को निशाना बनाकर वारदात करता था। उसके खिलाफ कई हत्याओं से जुड़े मामले सामने आए थे। पुलिस जांच के दौरान आदेश खामरा पर 34 हत्याओं में शामिल होने के आरोप सामने आए थे।
ट्रक गायब हुआ, ड्राइवर-क्लीनर भी लापता
मामला जून 2018 का है। अशोका गार्डन थाना क्षेत्र से ट्रक MP 04 HE 8073 गायब हुआ था। ट्रक के साथ उसके ड्राइवर राजेश पंवार और क्लीनर नूर खां भी लापता हो गए थे। दोनों की तलाश शुरू हुई तो पुलिस को मामले में लूट और हत्या की आशंका हुई। जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए कई सुराग जुटाए।
जंगल में मिले दोनों के शव
जांच में सामने आया कि ट्रक लूटने के बाद पकड़े जाने के डर से ड्राइवर और क्लीनर की हत्या कर दी गई थी। दोनों के शव चंदेरी और मुंगावली के जंगलों से बरामद किए गए थे। शवों की हालत खराब होने के कारण उनकी पहचान करना आसान नहीं था। बाद में DNA जांच के जरिए दोनों की पहचान की गई।
दो आरोपियों को दोहरी उम्रकैद
कोर्ट ने मुख्य आरोपी आदेश खामरा और उसके साथी जयकरण प्रजापति को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा सभी धाराओं में कुल 18 साल के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भी दी गई है। वहीं ट्रक खरीदने वाले साहब सिंह उर्फ बलजिंदर और सुनील खटीक को 3-3 साल की सजा सुनाई गई।
8 साल बाद पीड़ित परिवार को मिला फैसला
करीब 8 साल तक चले इस मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य और DNA रिपोर्ट अहम आधार बने। कोर्ट के फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद पूरी हुई है। यह मामला इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि जांच के दौरान ट्रक लूट के साथ कई हत्याओं से जुड़े आरोपी के रूप में आदेश खामरा का नाम सामने आया था। अब इस डबल मर्डर केस में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है।