हरियाणा के गुरुग्राम से दोस्ती को शर्मसार करने वाला एक मामला शुक्रवार को सामने आया है। पुलिस के अनुसार, खाने-पीने की दुकान (ईटरी) चलाने वाले एक कारोबारी ने कथित तौर पर अपने बचपन के दोस्त की हत्या कराने के लिए किराए के शूटरों की मदद ली। हत्या के बाद पूरे मामले को सड़क पर हुए विवाद (रोडरेज) का रूप देकर पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश की गई। हालांकि शुरुआती जांच में सामने आए संदेह और पूछताछ के बाद पुलिस ने कथित साजिश का खुलासा करने का दावा किया है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
मृतक की पहचान 35 वर्षीय अमित सैनी के रूप में हुई है, जिनका शव गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित हिंडन कनावनी रोड पर उनकी कार के अंदर मिला। उनके सिर के पिछले हिस्से में गोली लगी थी।
कार में खून नहीं मिला, यहीं से बढ़ा पुलिस का शक
पुलिस के मुताबिक, घटना के समय कार में अमित सैनी के साथ उनके बचपन के दोस्त विजय शर्मा भी मौजूद थे। विजय शर्मा ने शुरुआती पूछताछ में दावा किया कि मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने सड़क पर बहस के बाद अमित सैनी की गोली मारकर हत्या कर दी।
हालांकि एसीपी (इंदिरापुरम) सूर्यबली मौर्य ने बताया कि विजय शर्मा की कहानी में कई विरोधाभास थे। उन्होंने कहा कि गोली लगने के बावजूद कार के अंदर खून के निशान नहीं मिले, जिससे पुलिस को उसकी बात पर संदेह हुआ। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की गई।

पूछताछ में कथित तौर पर कबूली साजिश
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान विजय शर्मा ने दो साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की। जांच के अनुसार, उसने किराए के शूटरों के जरिए अमित सैनी की हत्या करवाई और बाद में इसे रोडरेज की घटना बताकर मामला भटकाने की कोशिश की।
बिजनेस विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार, विजय शर्मा और अमित सैनी गुरुग्राम स्थित शीतला माता मंदिर परिसर में अलग-अलग खाने-पीने की दुकानें संचालित करते थे। दोनों दुकानें भाटी नामक एक ठेकेदार से मिले सब-कॉन्ट्रैक्ट के तहत चल रही थीं।
जांच में सामने आया है कि अमित सैनी अपने कारोबार का विस्तार करना चाहते थे और कथित तौर पर विजय शर्मा की दुकान हटवाना चाहते थे। इसके बाद ठेकेदार ने विजय शर्मा से जगह खाली करने को कहा था। पुलिस का कहना है कि इसी बात को लेकर विजय शर्मा के मन में रंजिश पैदा हो गई और उसने कथित तौर पर हत्या की साजिश रच डाली।
फरार शूटरों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस ने बताया कि हत्या बुधवार देर रात उस समय हुई, जब दोनों कार से गाजियाबाद की ओर जा रहे थे। विजय शर्मा ने पुलिस को बताया था कि अमित सैनी किसी से पैसे लेने आए थे और उन्होंने उसे भी साथ चलने के लिए कहा था। उसने यह भी दावा किया कि वह पेशाब करने के लिए कार से उतरा था, तभी बाइक सवार दो युवक आए और कार में बैठे अमित सैनी को गोली मारकर फरार हो गए।
हालांकि जांच के बाद पुलिस इस कहानी को संदिग्ध मान रही है। अमित सैनी के परिजनों की शिकायत पर विजय शर्मा और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर नजर
पुलिस फरार दोनों कथित शूटरों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। उनकी पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। वहीं, मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।