हिमाचल प्रदेश के ऊना में बुधवार को नशे के खिलाफ हजारों युवाओं ने एकजुट होकर ‘एंटी चिट्टा वॉकथॉन’ में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अगुवाई में आयोजित इस वॉकथॉन का उद्देश्य युवाओं और समाज को नशे के खिलाफ जागरूक करना रहा। हालांकि, करीब 38 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच आयोजित कार्यक्रम के दौरान गर्मी के कारण करीब 16 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। सभी को उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना ले जाया गया।
वॉकथॉन इंदिरा गांधी खेल मैदान से शुरू होकर आईएसबीटी ऊना तक गई और फिर वापस खेल मैदान में समाप्त हुई। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने और इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने की शपथ भी ली।
‘यह लड़ाई सिर्फ सरकार और पुलिस की नहीं’
मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने संबोधन की शुरुआत युवाओं को ‘जेन जी’ और ‘जेन अल्फा’ कहकर की। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें माता-पिता और जागरूक युवाओं की भी अहम भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने आयोजन को अब तक का सबसे बड़ा कार्यक्रम बताते हुए गर्मी के बावजूद युवाओं के उत्साह की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने गुरुवार को ऊना के सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी की घोषणा भी की।
गर्मी से 16 बच्चों की तबीयत बिगड़ी
वॉकथॉन के दौरान गर्मी के चलते कई बच्चों की अचानक तबीयत खराब हो गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक करीब 16 बच्चों को क्षेत्रीय अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया, जहां उनका उपचार किया गया।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री अस्पताल पहुंचे और बीमार बच्चों का हाल जाना। सदर विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने भी अस्पताल पहुंचकर बच्चों की स्थिति की जानकारी ली।
ड्रोन से निगरानी, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
आयोजन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सुरक्षा और निगरानी के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया। प्रतिभागियों के लिए पेयजल, शौचालय, जलपान, स्वास्थ्य सेवाओं और पार्किंग की व्यवस्था की गई थी।
वॉकथॉन में नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के अलावा आईटीआई प्रशिक्षु, कॉलेज विद्यार्थी और आम लोग भी शामिल हुए।
600 बसों से संभाली गई आवाजाही
प्रतिभागियों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने और वापस स्कूल-कॉलेज ले जाने के लिए एचआरटीसी, निजी और स्कूली बसों समेत करीब 600 बसों की व्यवस्था की गई। इनमें एचआरटीसी की 20 और करीब 300 निजी बसें शामिल रहीं। यात्रियों की सुविधा के लिए अस्थायी बस अड्डों से इलेक्ट्रिक शटल बसें भी चलाई गईं।
यातायात संचालन के लिए अजोली मोड़, बहड़ाला, झलेड़ा, बस अड्डा ऊना, हरोली, रामपुर और थानाकलां में इंस्पेक्टर तैनात किए गए।
शहर में बदली रही यातायात व्यवस्था

वॉकथॉन के चलते सुबह आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक ऊना शहर में यातायात व्यवस्था बदली गई। सुबह आठ बजे के बाद डीसी चौक से रक्कड़ तक सड़क बंद रही। झलेड़ा की ओर से आने वाले वाहनों को पुराने होशियारपुर मार्ग से डीसी चौक की ओर भेजा गया।
कार्यक्रम की शुरुआत से पहले इंदिरा गांधी खेल मैदान में पुलिस बैंड ‘हार्मनी ऑफ द पाइन्स’ ने प्रस्तुति दी। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए युवाओं में नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया गया।