हिमाचल प्रदेश की सियासत में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुक्खू की ओर से अपने राजनीतिक अतीत को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए महाजन ने कहा, “गुरु गुरु होता है और चेला चेला होता है।” उन्होंने मुख्यमंत्री पर बिना सोचे-समझे बयान देने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी राजनीतिक दिशा स्पष्ट है तथा वह अगले चुनाव के लिए तैयार हैं।
हर्ष महाजन क्यारकोटि में एक एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाने पहुंचे थे। इस दौरान पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज और क्षेत्र के जिला परिषद सदस्य खुश विक्रम सेन भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में महाजन ने मुख्यमंत्री सुक्खू के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें मुख्यमंत्री ने उनके राजनीतिक सलाहकार की भूमिका को लेकर टिप्पणी की थी।
सुक्खू की टिप्पणी पर महाजन का जवाब
महाजन ने सुक्खू की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को बयान देने से पहले सोच-विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके लिए आगे केवल अंधेरा है, जबकि भाजपा के लिए उजाला है। हालांकि, यह महाजन की राजनीतिक टिप्पणी है और इसे उनके आकलन के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
भाजपा सांसद ने कहा कि उनकी नीति स्पष्ट है और वह आगामी चुनाव के लिए तैयार हैं। उन्होंने कांग्रेस की स्थिति का आकलन करते हुए मौजूदा पंचायती चुनावों को राजनीतिक तस्वीर का संकेत बताया।
वीरभद्र सिंह से अपने जुड़ाव का किया जिक्र
हर्ष महाजन ने इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ अपने लंबे राजनीतिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वह वीरभद्र सिंह के राजनीतिक शिष्य रहे हैं और उनके साथ लंबे समय तक जुड़े रहे।
महाजन ने कहा कि वीरभद्र सिंह 84 वर्ष की उम्र तक राजनीति में सक्रिय रहे और जीवन के अंतिम समय तक राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति जीवित रहने तक राजनीति में सक्रिय रह सकता है।
महाजन ने विक्रमादित्य सिंह की टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी और उसे राजनीतिक बयान बताया। उन्होंने अपने राजनीतिक संबंधों और वीरभद्र सिंह के साथ अपने जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके बीच लंबे समय से राजनीतिक संबंध रहे हैं।
क्या कहा था मुख्यमंत्री सुक्खू ने?
इस विवाद की शुरुआत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की उस टिप्पणी से हुई, जिसमें उन्होंने हर्ष महाजन की राजनीतिक भूमिका पर तंज कसा था। सुक्खू ने कहा था कि जब-जब महाजन कांग्रेस के सलाहकार रहे, तब-तब कांग्रेस चुनाव हारी। मुख्यमंत्री ने यह भी टिप्पणी की थी कि महाजन आजकल भाजपा के सलाहकार हैं और वह जिसके भी सलाहकार रहे, उसका कभी “बेड़ा पार” नहीं हुआ।
दोनों नेताओं की टिप्पणियों के बीच हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज है। हाल के दिनों में मुख्यमंत्री सुक्खू भाजपा पर विभिन्न मुद्दों को लेकर निशाना साधते रहे हैं। वहीं, भाजपा नेता भी राज्य सरकार की नीतियों और राजनीतिक स्थिति पर लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं।