मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के विरोध में कांग्रेस ने भोपाल में प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का घेराव करने निकले। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी।
बैरिकेड्स पर चढ़े कांग्रेस कार्यकर्ता
प्रदर्शन के दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछार की। इसके बाद भी कार्यकर्ता SIR के विरोध में नारेबाजी करते रहे।
CEC का प्रतीकात्मक रूप बनाया
प्रदर्शन के दौरान एक कार्यकर्ता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का प्रतीकात्मक रूप धारण किया। इस कार्यकर्ता को जंजीरों में बांधा गया था। जीतू पटवारी और उमंग सिंघार उसे जंजीरों से पकड़े हुए नजर आए। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के जरिए SIR और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विरोध दर्ज कराया।
SIR को लेकर कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने SIR की प्रक्रिया पर पुनर्विचार की मांग भी उठाई।
चुनाव आयोग ने दी सफाई
SIR को लेकर उठे सवालों के बीच चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि आयोग के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग ने प्रक्रिया को लेकर सामने आए सवालों पर अपना पक्ष रखा है।
कांतिलाल भूरिया ने भी जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव EVM से हुए तो वे चुनाव का बहिष्कार करेंगे। उनके बयान को लेकर भी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आ सकती है।
पुलिस और कार्यकर्ताओं में हुई धक्का-मुक्की
CEO कार्यालय की ओर बढ़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रोकने की कोशिश की। इसी दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।