सुबह का नाश्ता दिन के जरूरी मील में शामिल माना जाता है। रात के खाने के बाद कई घंटों तक कुछ नहीं खाने के बाद सुबह शरीर को दोबारा ऊर्जा और पोषण की जरूरत होती है। हालांकि, नाश्ता उठते ही करना चाहिए या कुछ देर बाद, इसे लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है। आमतौर पर सुबह उठने के 1 से 2 घंटे के भीतर नाश्ता करना एक व्यावहारिक विकल्प माना जा सकता है। लेकिन इसका कोई एक तय समय हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं है। आपकी भूख, दिनचर्या, काम के समय और स्वास्थ्य के अनुसार नाश्ते का समय अलग हो सकता है।
उठते ही नाश्ता करना जरूरी नहीं
सुबह आंख खुलते ही खाना शुरू करना जरूरी नहीं है। शरीर को जागने और अपनी दिनचर्या में आने के लिए थोड़ा समय दिया जा सकता है। अगर उठने के तुरंत बाद तेज भूख लगती है तो नाश्ता ज्यादा देर तक टालने की जरूरत नहीं है। वहीं, अगर सुबह उठने के बाद भूख नहीं लगती तो थोड़ी देर बाद नाश्ता किया जा सकता है। जरूरी यह है कि लंबे समय तक बिना वजह खाली पेट न रहें और पूरे दिन का खान-पान संतुलित हो।
नाश्ते की क्वालिटी भी है महत्वपूर्ण
सिर्फ नाश्ते का समय ही नहीं, बल्कि उसमें शामिल खाद्य पदार्थ भी महत्वपूर्ण हैं। केवल चाय-बिस्किट, नमकीन या ज्यादा मीठी चीजों को नियमित नाश्ता बनाना बेहतर विकल्प नहीं माना जाता। नाश्ते में प्रोटीन, फाइबर, साबुत अनाज और पौष्टिक फैट शामिल किए जा सकते हैं। अंडा, दही, पनीर, मूंग या बेसन का चीला, पोहा, उपमा, दलिया, ओट्स, साबुत अनाज की रोटी और मौसमी फल इसके विकल्प हो सकते हैं। अगर नाश्ते में कार्बोहाइड्रेट के साथ प्रोटीन और फाइबर भी शामिल हों, तो यह ज्यादा संतुलित मील बन सकता है।
देर से नाश्ता करने से क्या होगा?
सुबह उठने के तुरंत बाद नाश्ता न करने का मतलब यह नहीं है कि इससे तुरंत स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक असर पड़ेगा। कुछ लोगों की दिनचर्या ऐसी होती है कि वे सुबह देर से खाना खाते हैं। हालांकि, रोजाना बहुत देर से नाश्ता करना और फिर पूरे दिन अनियमित तरीके से खाना खाने की आदत स्वस्थ दिनचर्या के लिए ठीक नहीं मानी जाती। डायबिटीज जैसी स्वास्थ्य स्थिति वाले लोगों को अपने भोजन के समय के लिए डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह को प्राथमिकता देनी चाहिए।
सुबह उठकर सबसे पहले क्या करें?
सुबह उठने के बाद पानी पीकर शरीर को हाइड्रेट किया जा सकता है। इसके बाद अपनी दिनचर्या के अनुसार हल्की एक्सरसाइज, वॉक या दूसरे जरूरी काम किए जा सकते हैं। भूख के अनुसार इसके बाद पौष्टिक नाश्ता किया जा सकता है। कुल मिलाकर, उठने के 1 से 2 घंटे के भीतर संतुलित नाश्ता कई लोगों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन सभी के लिए एक ही नियम लागू नहीं किया जा सकता। उम्र, दिनचर्या, स्वास्थ्य और भूख को ध्यान में रखते हुए नाश्ते का समय तय करना ज्यादा उचित है।