वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर से बुधवार को नौवें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत केंद्र और प्रदेश सरकार के कई मंत्री शामिल हुए। अभियान की इस वर्ष की थीम ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रखी गई है।
आंगनबाड़ी को विकास का केंद्र बनाने पर जोर
कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषण सामग्री बांटने तक सीमित न रखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और समग्र विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनाना है। इसके साथ ही बच्चों के विकास में अभिभावकों और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद किया। इस दौरान पीएमएमवीवाई के 10 वर्ष और पोषण माह से संबंधित फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया। इसके साथ ही अभियान की औपचारिक शुरुआत की गई।
मेन्यू बोर्ड हुआ अनिवार्य
इस साल पोषण माह के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर पूरक पोषण कार्यक्रम यानी SNP के मेन्यू बोर्ड लगाना अनिवार्य किया गया है। पहली बार गर्म और पके भोजन को भी स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।
मोटे अनाज और मौसमी सब्जियों पर फोकस
गर्म पके भोजन के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मोटे अनाज, दाल और मौसमी सब्जियों पर आधारित साप्ताहिक मेन्यू तैयार करने और उसमें नियमित बदलाव करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक और विविध भोजन उपलब्ध कराना है।
समुदाय की भागीदारी होगी मजबूत
आंगनबाड़ी प्रबंधन समितियों के गठन और संचालन के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पोषण माह के दौरान प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर कम से कम एक समिति बैठक आयोजित होगी। इसमें सेवाओं की समीक्षा और सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा होगी।
अभिभावकों, स्वयं सहायता समूहों और आंगनबाड़ी प्रबंधन समितियों को भोजन चखाने के कार्यक्रमों से भी जोड़ा जाएगा, ताकि पोषण व्यवस्था में पारदर्शिता और लोगों की भागीदारी दोनों बढ़ाई जा सकें।