उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक सिपाही का इस्तीफा इन दिनों चर्चा में है। रामनगर थाने में तैनात कांस्टेबल देवगन कुमार चौहान ने थाने के आधिकारिक ग्रुप में अपना इस्तीफा डाल दिया। अपने पत्र में सिपाही ने लिखा कि वह हर दिन 24x7 घंटे काम करने में सक्षम नहीं है और उसमें किसी ‘विशिष्ट मानव’ जैसी शक्तियां नहीं हैं। सिपाही के इस्तीफे की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची तो पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। इसके बाद थाना प्रभारी और सिपाही को अधिकारियों के सामने तलब किया गया। फिलहाल सिपाही की काउंसिलिंग कराकर उसकी इस्तीफे की मांग को नामंजूर कर दिया गया है।

ऑफिशियल ग्रुप में भेजा इस्तीफा
जानकारी के मुताबिक, कांस्टेबल देवगन कुमार चौहान ने 7 सितंबर की शाम रामनगर थाने के ऑफिशियल ग्रुप में एक पत्र शेयर किया था। यह पत्र पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए स्वेच्छा से कार्यमुक्त किए जाने के संबंध में लिखा गया था। पत्र में सिपाही ने अपनी परेशानी बताते हुए लिखा कि वह अभी इतना सक्षम नहीं है कि हर दिन 24x7 काम कर सके। उसने आगे लिखा कि उसमें किसी ‘विशिष्ट मानव’ जैसी शक्तियां नहीं हैं, इसलिए उसे कार्यमुक्त किया जाए। पत्र सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और सिपाही से बातचीत की।
मरीज के साथ लगातार ड्यूटी से था परेशान
बताया जा रहा है कि सिपाही को ट्रॉमा सेंटर में इलाज करा रहे एक मरीज के साथ कई दिनों से लगातार ड्यूटी पर लगाया गया था। लगातार ड्यूटी के कारण वह मानसिक तनाव में था। सिपाही ने थाने में ड्यूटी लगाने को लेकर अनियमितता का आरोप भी लगाया। उसका कहना था कि कुछ पसंदीदा आरक्षियों को आराम दिया जाता है, जबकि अन्य पुलिसकर्मियों की दिन-रात ड्यूटी लगाने की कोशिश की जाती है।
घरेलू कारणों से भी परेशान था सिपाही
मामले में एसीपी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि सिपाही 5 सितंबर की रात ड्यूटी के बाद घर गया था। अगले दिन उसे दोबारा मरीज के साथ जाने की ड्यूटी के बारे में बताया गया। एसीपी के मुताबिक, सिपाही घरेलू कारणों से भी परेशान चल रहा था। इसी वजह से उसने इस्तीफे से संबंधित पत्र लिखकर उसे सरकारी ग्रुप में डाल दिया।
बाद में कहा- नौकरी करना चाहता हूं
अधिकारियों के मुताबिक, बाद में फोन पर बातचीत के दौरान सिपाही ने स्पष्ट किया कि वह नौकरी करना चाहता है। इसके बाद उसकी काउंसिलिंग कराई गई और इस्तीफे की मांग को स्वीकार नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि सिपाही ने ग्रुप में डाला गया पत्र बाद में डिलीट कर दिया, लेकिन तब तक उसका स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था।
पुलिस ड्यूटी और मानसिक दबाव पर फिर उठे सवाल
सिपाही के इस्तीफे के इस मामले ने पुलिसकर्मियों की लंबी ड्यूटी, लगातार काम के दबाव और मानसिक तनाव को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि विभाग ने सिपाही की काउंसिलिंग कराकर फिलहाल मामला संभाल लिया है, लेकिन उसका वायरल इस्तीफा पुलिस बल में काम के दबाव और ड्यूटी व्यवस्था पर चर्चा का विषय बन गया है।