पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया है। CM ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच और हिंसा, आगजनी व तोड़फोड़ के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पंजाब के DGP गौरव यादव सोमवार को LPU पहुंचे और कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
अफवाहों के बाद भड़का छात्रों का गुस्सा
LPU में विरोध-प्रदर्शन की शुरुआत सोशल मीडिया पर एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न और आत्महत्या से जुड़ी अपुष्ट जानकारी सामने आने के बाद हुई। छात्रों ने मामले की जांच और कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसक हो गया और कैंपस में तोड़फोड़ के साथ आगजनी की घटनाएं सामने आईं।
छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे-44 को भी करीब 15 घंटे तक बाधित रखा। बाद में पुलिस ने यातायात बहाल कराया। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव किया गया और कुछ पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया।
रेप की शिकायत पर FIR, SIT गठित
पुलिस ने छात्रों की ओर से सामने रखे गए आरोपों के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है। जांच में CCTV फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य और अन्य उपलब्ध जानकारी की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभी तक कथित पीड़िता की पहचान या बयान सामने नहीं आया है और आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
LPU प्रशासन ने भी कथित रेप की घटना से जुड़े दावों को खारिज करते हुए इन्हें गलत और भ्रामक बताया है। प्रशासन ने छात्रों से अपुष्ट जानकारी फैलाने से बचने की अपील की है।
10 दिन बंद रहेगी यूनिवर्सिटी
हिंसक घटनाओं के बाद LPU ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं निलंबित कर दी हैं। मिड-टर्म परीक्षाएं भी अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई हैं। कैंपस में सुरक्षा बढ़ाई गई है और छात्रों को सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
CM ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अधिकारियों को पूरे मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। DGP गौरव यादव ने कैंपस का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था और घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस का कहना है कि हिंसा और आगजनी में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी, जबकि कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच अलग से जारी है।