महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान फडणवीस ने राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं के प्रति लोगों का भरोसा कमजोर करने का आरोप लगाया। इसी दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वोट चोरी नहीं हुआ, बल्कि राहुल गांधी का दिमाग चोरी हो गया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उसे ढूंढने के लिए एक कमेटी बनानी चाहिए।
‘SIR से वोट हटे तो TMC कैसे जीती?’
फडणवीस ने अपने तर्क के समर्थन में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में SIR के दौरान मतदाताओं की संख्या में बड़ी कमी हुई, उनमें कम से कम 15 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस यानी TMC ने जीत दर्ज की। फडणवीस ने सवाल उठाया कि अगर SIR के जरिए कथित तौर पर भाजपा विरोधी वोट हटाए गए थे, तो इन सीटों पर TMC कैसे जीत गई। उन्होंने इसी आधार पर राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर सवाल खड़े किए।
BLA को आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार
SIR प्रक्रिया का बचाव करते हुए फडणवीस ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को प्रत्येक बूथ पर Booth Level Agent यानी BLA नियुक्त करने का अधिकार है। उनके मुताबिक BLA मतदाता सूची के हर पेज और हर नाम पर आपत्ति दर्ज करा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी पात्र मतदाता का नाम छूट गया है तो आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। वहीं, अगर किसी ऐसे व्यक्ति का नाम सूची में है, जो पात्र नहीं है, तो उसके खिलाफ भी आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया उपलब्ध है।
संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास का आरोप
फडणवीस ने राहुल गांधी पर चुनाव आयोग समेत संवैधानिक संस्थाओं को लेकर जनता के बीच अविश्वास पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया और संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाने से लोगों का भरोसा प्रभावित हो सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि SIR से जुड़े चुनाव आयोग के फैसले सभी चुनाव आयुक्तों ने सर्वसम्मति से लिए हैं। हालांकि, SIR को लेकर विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग की प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलावों पर सवाल उठाए जाते रहे हैं।
‘PM मोदी कमेटी बनाकर दिमाग ढूंढें’
राहुल गांधी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए फडणवीस ने कहा कि ‘वोट चोरी’ नहीं हुई है, बल्कि राहुल गांधी का दिमाग चोरी हो गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ऐसी कमेटी बनाने की अपील की, जो राहुल गांधी का ‘दिमाग’ ढूंढकर उन्हें वापस दे सके, ताकि वे देशहित में सही और सच्ची बात करें।
SIR को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि फडणवीस समेत भाजपा के नेता इन आरोपों को खारिज कर रहे हैं। इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ मतदाता सूची में बदलाव और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया को लेकर विवाद जारी है।