मध्य प्रदेश में मानसून ट्रफ और लो प्रेशर एरिया के असर से बारिश का दौर तेज हो गया है। दो दिन तक एक्टिव रहे सीजन के सबसे स्ट्रॉन्ग सिस्टम का सबसे ज्यादा असर भोपाल में देखने को मिला। यहां 24 घंटे में करीब 7 इंच बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश से कई कॉलोनियों में जलभराव हो गया और सड़कें पानी में डूब गईं।
नदियां उफान पर, कई रास्ते बंद
भारी बारिश के चलते नर्मदा, बेतवा समेत कई नदियां उफान पर हैं। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से कई रास्तों पर आवागमन रोकना पड़ा। सीहोर, शाजापुर, विदिशा, मंडला और राजगढ़ में भी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
राजगढ़ में 9 लोगों की मौत
राजगढ़ के ब्यावरा में रेलवे अंडरपास में पानी भरने से करीब 25 गांवों का संपर्क टूट गया। राजगढ़ में नाले में एक ईको वैन बह गई। हादसे में तीन बच्चों और दो महिलाओं समेत 9 लोगों की मौत हो गई। वहीं विदिशा में बाढ़ के पानी में फंसे 17 लोगों को रेस्क्यू किया गया।
तीन जिलों में स्कूल बंद
भारी बारिश को देखते हुए भोपाल, आगर-मालवा और रायसेन में स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले इलाकों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की है।
आज 10 जिलों में अलर्ट
प्रदेश में बारिश का दौर अभी जारी है। मौसम विभाग ने आज भी 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में तेज बारिश के साथ नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
46 जिलों में अब भी कम बारिश
भारी बारिश के बावजूद प्रदेश के 46 जिलों में अभी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश 18% तक कम रही है। कई जिलों में सामान्य से 4% से 57% तक कम बारिश हुई है।
शिवपुरी में गड्ढे में फंसी स्कूल वैन
शिवपुरी में बारिश के बाद न्यू पुलिस लाइन स्टेशन रोड की बदहाली सामने आई। पानी से भरे गहरे गड्ढे में स्कूली वैन फंस गई। गड्ढा पानी में दिखाई नहीं दे रहा था, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया। वैन निकालने के लिए बच्चों को खुद टायर के नीचे पत्थर डालकर धक्का लगाना पड़ा।