आज कांवड़ मेले का 11वां दिन है और इस बार श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। 2025 में 12 दिन की कांवड़ यात्रा में 3 करोड़ 56 लाख से अधिक कांवड़िए हरिद्वार पहुंचे थे, जबकि इस बार 11वें दिन ही यह आंकड़ा पार हो चुका है। यात्रा के 10 दिन में 3 करोड़ 55 लाख से अधिक कांवड़िए गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके थे और 11वें दिन यह संख्या पिछले साल के आंकड़े से आगे निकल गई।
हरकी पैड़ी पर उमड़ी भीड़
हरकी पैड़ी से लेकर शहर की सड़कों तक आस्था का सैलाब है। हरकी पैड़ी पर पैर रखने तक की जगह नहीं है। घाटों पर गंगाजल भरने के लिए लंबी कतारें लगी हुई हैं और हर-हर महादेव के जयघोष से धर्मनगरी गूंज रही है। वहीं डाक कांवड़ के वाहनों की बढ़ती संख्या से हरिद्वार-लक्सर समेत आसपास के रास्तों पर ट्रैफिक लगा हुआ है।

गंगा में बहे शिवभक्त
डाक कांवड़ के बढ़ते दबाव को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने मोर्चा संभाला। हरिद्वार से लेकर ऋषिकेश और नीलकंठ रूट तक यातायात व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। इसी बीच गंगा के तेज बहाव में फंसे हरियाणा और यूपी के 2 शिवभक्तों को SDRF ने सुरक्षित बचाया, जबकि एक पैर न होने के बावजूद हरियाणा के अजय कांवड़ लेकर अपने घर की ओर बढ़ रहे हैं। ऋषिकेश में कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक का दबाव बढ़ने से सड़क पर एंबुलेंस और शव वाहन भी जाम में फंस गई। कांवड़ियों की बढ़ती भीड़ के बीच वाहनों की लंबी कतारों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हुआ।