राजगढ़ जिले के सारंगपुर थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल के पास पानी के तेज बहाव में ईको वाहन बहने से धांसड़ गांव के एक ही परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस भीषण हादसे के बाद मंगलवार को सतवास थाना क्षेत्र के धांसड़ गांव में मातम पसरा रहा। हल्की बारिश के बीच जब गांव से एक साथ 6 अर्थियां निकलीं, तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। परिवार के तीन अन्य मृतकों का अंतिम संस्कार खंडवा जिले के पुनासा में किया गया।
पिता और दो मासूम बेटियों की एक साथ अंतिम विदाई
इस हादसे का सबसे दर्दनाक दृश्य तब सामने आया, जब मृतक पिता के साथ उनकी दो मासूम बेटियों की अर्थियां भी एक साथ उठीं। अंतिम यात्रा गांव की गलियों से गुजरी तो पूरा इलाका गमगीन हो गया। हादसे में जान गंवाने वाले विशाल की पत्नी पूजा गर्भवती थी। इस हादसे में परिवार ने अपने अजन्मे बच्चे को भी खो दिया।
बेटे ने दी पूरे परिवार को मुखाग्नि
श्मशान घाट पर माहौल उस वक्त और भावुक हो गया, जब शंकर के छोटे बेटे खुशाल ने अपने माता-पिता, भाई-भाभी और दो मासूम बच्चों को एक साथ मुखाग्नि दी। एक ही हादसे में परिवार के कई सदस्यों को खोने का दर्द खुशाल के चेहरे पर साफ नजर आया। वहां मौजूद परिजन और ग्रामीण भी अपने आंसू नहीं रोक सके।
अंतिम यात्रा में उमड़ा पूरा गांव
परिवार की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। हल्की बारिश के बीच लोग नम आंखों से अपनों को अंतिम विदाई देने पहुंचे। गांव की गलियों से गुजरती छह अर्थियों को देखकर हर कोई गम में डूबा नजर आया। पूरे गांव में सन्नाटा और शोक का माहौल बना रहा।
विधायक ने दी श्रद्धांजलि
अंतिम संस्कार के दौरान क्षेत्रीय विधायक मुरली भंवरा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। इस हादसे ने पूरे धांसड़ गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है और परिवार के लिए यह कभी न भूलने वाला जख्म बन गया है।