भोपाल एयरपोर्ट पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए। ओवैसी के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एयरपोर्ट पहुंचे थे। कार्यकर्ताओं की भीड़ के बीच ओवैसी घिर गए, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को संभालने में पुलिस और सीआईएसएफ को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
सुरक्षा प्रोटोकॉल के बीच बढ़ी भीड़
जानकारी के मुताबिक, ओवैसी की सुरक्षा को लेकर एयरपोर्ट पर पुलिस प्रशासन और सीआईएसएफ की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। हालांकि, एयरपोर्ट परिसर में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के पहुंचने से स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई। आरोप है कि कार्यकर्ताओं की भीड़ ने सुरक्षा प्रोटोकॉल को प्रभावित किया, जिसके चलते सुरक्षाकर्मियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।
कार्यकर्ताओं के बीच फंसे ओवैसी
एयरपोर्ट पर ओवैसी के पहुंचते ही उनसे मिलने और स्वागत करने के लिए कार्यकर्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। बड़ी संख्या में समर्थकों के बीच घिरे ओवैसी को सुरक्षाकर्मियों ने अपने घेरे में लिया। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
CISF ने संभाला मोर्चा
स्थिति को देखते हुए सीआईएसएफ के जवानों ने ओवैसी को कार्यकर्ताओं की भीड़ से बाहर निकालने की जिम्मेदारी संभाली। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया। इस दौरान एयरपोर्ट पर मौजूद पुलिसकर्मी भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे रहे। सुरक्षा व्यवस्था के बीच ओवैसी को निकालने की घटना ने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया।
एयरपोर्ट से बाहर भी उमड़ा हुजूम
एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही बड़ी संख्या में AIMIM कार्यकर्ता ओवैसी से मिलने के लिए उमड़ पड़े। समर्थकों में अपने नेता के स्वागत को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। भीड़ बढ़ने के कारण पुलिस को स्थिति संभालनी पड़ी। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
ओवैसी की सुरक्षा में कथित चूक और कार्यकर्ताओं की भीड़ के बीच उनके फंसने की घटना ने एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, पूरे मामले में प्रशासन की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। अब यह देखना होगा कि एयरपोर्ट पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किस तरह कराया गया और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए गए।