पंजाब के लुधियाना स्थित केंद्रीय जेल में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। जेल प्रशासन द्वारा चलाए गए अचानक तलाशी अभियान के दौरान दो हवालातियों के पास से 34 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस बरामदगी के बाद जेल के भीतर नशीले पदार्थ और मोबाइल पहुंचने के नेटवर्क को लेकर जांच तेज कर दी गई है।
अचानक चेकिंग में हुआ बड़ा खुलासा
जेल प्रशासन ने हाल ही में जेल परिसर और बैरकों में अचानक सर्च ऑपरेशन चलाया। चेकिंग शुरू होते ही जेल में बंद कैदियों और हवालातियों में हड़कंप मच गया। तलाशी के दौरान हवालाती सोनू ठाकुर और कुलविंदर सिंह के कब्जे से 34 ग्राम सफेद रंग का नशीला पदार्थ और विभिन्न कंपनियों के पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए।
बरामदगी ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जेल के भीतर कैसे पहुंचा नशा और मोबाइल?
जेल के अंदर हेरोइन और मोबाइल फोन मिलना इस बात का संकेत है कि प्रतिबंधित सामान किसी न किसी माध्यम से जेल तक पहुंच रहा है। अब पुलिस और जेल प्रशासन इस बात की जांच कर रहे हैं कि इसमें किसी बाहरी गिरोह, जेल कर्मचारियों या अंदर मौजूद कैदियों की मिलीभगत तो नहीं है।
इस मामले को सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है।
दो हवालातियों पर दर्ज हुआ मामला
सहायक सुपरिटेंडेंट की शिकायत के आधार पर स्थानीय थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सोनू ठाकुर और कुलविंदर सिंह पर प्रिजन एक्ट और एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर प्रतिबंधित सामान के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
पंजाब की विभिन्न जेलों से पहले भी मोबाइल फोन और नशीले पदार्थ मिलने के कई मामले सामने आ चुके हैं। कई बार कैदी चोरी-छिपे मोबाइल का इस्तेमाल करते पकड़े गए हैं, जिससे जेल सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
ऐसे मामलों के बावजूद बार-बार हो रही बरामदगी सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर चिंता बढ़ा रही है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि प्रतिबंधित सामान जेल के अंदर कैसे पहुंचा और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता की ओर संकेत करता है।