दिल्ली-अमृतसर इंटरसिटी एक्सप्रेस को लेकर अहम खबर सामने आई है। लुधियाना रेलवे स्टेशन पहुंचने से कुछ समय पहले चलती ट्रेन पर अज्ञात लोगों द्वारा पथराव किए जाने की घटना सामने आई। बताया जा रहा है कि ट्रेन तेज रफ्तार से अमृतसर की ओर जा रही थी, इसी दौरान कुछ लोगों ने ट्रेन को निशाना बनाकर पत्थर फेंके। अचानक हुए पथराव से ट्रेन में बैठे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी और डर का माहौल बन गया। यात्रियों को समझ नहीं आया कि चलती ट्रेन पर पत्थर किसने और क्यों फेंके। घटना में कोच नंबर NR 246321 प्रभावित हुआ और खिड़की का शीशा टूट गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि पथराव की इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
कोच में मिला टूटा शीशा, RPF ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी सामने आने के बाद रेलवे सुरक्षा बल यानी RPF सक्रिय हो गया। फिरोजपुर मंडल के कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद अज्ञात हमलावरों के खिलाफ आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। रेलवे की ओर से घटना को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। ट्रेन के प्रभावित कोच की जांच भी की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक पथराव के कारण खिड़की का शीशा टूट गया था। RPF अब यह पता लगाने में जुटी है कि ट्रेन पर पत्थर किस स्थान से फेंके गए और इस घटना के पीछे किसका हाथ है।
अमृतसर पहुंचने के बाद RPF ने की ट्रेन की जांच
ट्रेन नंबर 14679 दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस रात करीब 10:25 बजे अमृतसर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर पहुंची। ट्रेन के अमृतसर पहुंचने के बाद RPF पोस्ट अमृतसर के सहायक उप निरीक्षक रणवीर सिंह ने C&W स्टाफ और जेई रोहित कुमार के साथ ट्रेन का निरीक्षण किया। जांच के दौरान बोगी के अंदर सीटों के पास लगे शीशे टूटे हुए मिले। टीम ने क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण कर घटना से संबंधित जानकारी जुटाई। RPF अधिकारियों ने मामले से जुड़े तथ्यों को दर्ज करते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है।
CCTV फुटेज खंगाल रही विशेष जांच टीम
प्रारंभिक शिकायत के अनुसार ट्रेन पर लुधियाना रेलवे स्टेशन से पहले बाईं ओर से पत्थर फेंके गए थे। घटना के बाद आरोपियों की पहचान के लिए RPF ने विशेष जांच टीम गठित की है। सब इंस्पेक्टर विजयपाल सिंह के नेतृत्व में टीम रेलवे ट्रैक के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके साथ ही पथराव वाली संभावित जगह की भी जांच की जा रही है। RPF यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना में कितने लोग शामिल थे और उन्होंने ट्रेन को निशाना क्यों बनाया। आरोपियों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।