लुधियाना। शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह की जयंती के मौके पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लुधियाना स्थित पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित ‘जश्न-ए-इंकलाब’ कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा और लोग शामिल हुए।मुख्यमंत्री ने भगत सिंह को युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा कि उनकी विचारधारा और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि भगत सिंह की उम्र भले 23 वर्ष में थम गई, लेकिन आने वाली पीढ़ियों के लिए उनका विचार हमेशा जीवित रहेगा।
ਦੇਸ਼ ਦੀ ਆਜ਼ਾਦੀ ਦੇ ਮਹਾਨ ਨਾਇਕ ਸ਼ਹੀਦ-ਏ-ਆਜ਼ਮ ਸਰਦਾਰ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਨੂੰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਜਨਮਦਿਨ ਮੌਕੇ ਦਿਲੋਂ ਸਲਾਮ.. ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਲਾਸਾਨੀ ਕੁਰਬਾਨੀ ਅਤੇ ਸੋਚ ਸਾਡੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਲਈ ਹਮੇਸ਼ਾ ਪ੍ਰੇਰਨਾ ਸਰੋਤ ਰਹੇਗੀ..
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) September 28, 2026
ਇਨਕਲਾਬ ਜ਼ਿੰਦਾਬਾਦ.. pic.twitter.com/VlabHME82y
पिछली सरकारों पर साधा निशाना
अपने संबोधन में भगवंत मान ने पिछली सरकारों पर शहीदों के सम्मान को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने भगत सिंह के विचारों को सम्मान देने के लिए खटकड़ कलां में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया। सरकार खटकड़ कलां में करीब ₹52 करोड़ की लागत से शहीद-ए-आजम भगत सिंह हेरिटेज कॉम्प्लेक्स भी विकसित कर रही है।
शिक्षा और NEET का जिक्र
मुख्यमंत्री ने पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और शिक्षकों की ट्रेनिंग जैसी पहल की गई हैं। उन्होंने दावा किया कि हाल के परिणामों में पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों ने NEET परीक्षा पास की, जबकि 2021 में यह संख्या 80 थी।
स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकार का दावा
भगवंत मान ने स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए राज्य में करीब 1,100 आम आदमी क्लीनिक संचालित होने की बात कही। उनके अनुसार, इन क्लीनिकों में अब तक 5.5 करोड़ से अधिक OPD विजिट हो चुकी हैं और लोगों को जांच व दवाओं की सुविधाएं दी जा रही हैं।
70 हजार से ज्यादा सरकारी नौकरियों का दावा
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने युवाओं को 70,892 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने दावा किया कि ये भर्तियां बिना रिश्वत या सिफारिश के योग्यता के आधार पर की गई हैं।
पंजाब के पानी के मुद्दे पर भी बोले
मुख्यमंत्री ने पंजाब के पानी, SYL, BBMB और भाखड़ा से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य के हितों की रक्षा के लिए वह हर स्तर पर अपनी बात रखेंगे और पंजाब के हित उनके लिए सर्वोपरि हैं। ‘जश्न-ए-इंकलाब’ कार्यक्रम में भगत सिंह के साथ शहीद सुखदेव और राजगुरु को भी श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में पंजाबी संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए शहीदों की विरासत को याद किया गया।