फगवाड़ा: पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में छात्रों के विरोध प्रदर्शन और उसके बाद हुई हिंसा को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता और बठिंडा सांसद हरसिमरत कौर बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने एलपीयू में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

कथित यौन उत्पीड़न की खबर के बाद शुरू हुआ प्रदर्शन
एलपीयू परिसर में एक महिला छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न की खबर सामने आने के बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। मामले को लेकर छात्रों में आक्रोश बढ़ा और प्रदर्शन ने बाद में हिंसक रूप ले लिया। परिसर में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर भी विरोध किया, जिससे नई दिल्ली-अमृतसर राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ।
हालांकि, पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सामने आई जानकारी के अनुसार शुरुआती जांच में कथित यौन उत्पीड़न के आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। मामले की परिस्थितियों की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया है।
हरसिमरत बादल ने सरकार पर उठाए सवाल
हरसिमरत कौर बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पास गृह विभाग भी है और इसलिए राज्य में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की।
बादल ने घटनास्थल पर मौजूद कुछ लोगों की भूमिका और कथित तौर पर वॉकी-टॉकी जैसे उपकरणों के इस्तेमाल से जुड़े सवाल भी उठाए। इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

आम आदमी पार्टी ने आरोपों को बताया राजनीतिक
सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बताया है। पार्टी का कहना है कि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की और सरकार की प्राथमिकता छात्रों की सुरक्षा बनाए रखना है। पार्टी ने एसआईटी की जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की बात कही है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश के बाद पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने एलपीयू परिसर का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। सरकार ने हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई करने की बात कही है।
10 दिनों के लिए बंद हुईं कक्षाएं
हिंसा के बाद एलपीयू ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए कक्षाएं निलंबित कर दी हैं। मध्यावधि परीक्षाओं को भी स्थगित किया गया है। कई छात्र परिसर छोड़कर अपने घरों के लिए रवाना हुए हैं, जबकि विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
फिलहाल विशेष जांच दल की जांच जारी है। कथित यौन उत्पीड़न और उसके बाद हुई हिंसा से जुड़े सवालों का अंतिम जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।