सावन शिवरात्रि का पर्व 11 अगस्त, मंगलवार को मनाया जा रहा है। इस दिन मुख्य रूप से भगवान शिव जी की पूजा को समर्पित है। इसके प्रभाव से साधक को शुभ फलों की प्राप्ति होती हैं। साथ ही मनचाहा साथी पाने की कामना पूरी होने के भी योग बनते हैं। शास्त्रों की मानें, तो सावन शिवरात्रि महाकाल का स्मरण, उनकी कृपा और कुछ उपाय करने के लिए सबसे खास दिनों में से एक है। मान्यता है कि, इस तिथि पर किए गए दान और उपाय से व्यक्ति के भाग्य में वृद्धि होती हैं। साथ ही लंबे समय से अटके काम पूरे होने के योग बनते हैं। ऐसे में आइए इन उपायों को जानते हैं।
चार प्रहर की पूजा का समय
प्रथम प्रहर की पूजा- शाम 07:04 बजे से रात 09:45 बजे तक
द्वितीय प्रहर की पूजा- रात 09:45 बजे से रात 12:26 बजे तक
तृतीय प्रहर की पूजा- रात 12:26 बजे से सुबह 03:07 बजे तक
चतुर्थ प्रहर की पूजा सुबह 03:07 बजे से सुबह 05:49 बजे तक
सावन शिवरात्रि पर भद्रा का साया
सावन शिवरात्रि के दिन भद्राकाल सुबह 4 बजकर 56 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।
सावन शिवरात्रि पर जलाभिषेक का मुहूर्त
ब्रह्रा मुहूर्त में सुबह 5 बजकर 23 मिनट से लेकर सुबह 6 बजे तक का मुहूर्त है।
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 6 मिनट से लेकर 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा।
गोधूलि मुहूर्त रात 9 बजकर 13 मिनट से लेकर 9 बजकर 32 मिनट तक रहेगा।
निशिता काल का मुहूर्त रात 12 बजकर 5 मिनट से लेकर 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।
शिवलिंग पर घी और शहद चढ़ाएं
सावन शिवरात्रि पर शिवलिंग पर घी और शहद चढ़ाने से भाग्य चमकने लगता है। साथ ही अच्छी सेहत का आशीर्वाद मिलता है।
सफेद अनाज का दान करें
सावन शिवरात्रि पर सफेद अनाज का दान करें और साथ ही चावल का दान अवश्य करें। इससे कलह दूर होती है और सुख-शांति बढ़ती है।
11 बेलपत्र अर्पित करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग पर 11 बेलपत्र चढ़ाएं और चंदन से ॐ बनाएं। इससे महादेव की विशेष कृपा मिलती हैं।
जल और फूल का मिश्रण अर्पित करें
सावन शिवरात्रि पर जल और फूल का मिश्रण शिवलिंग पर अर्पित करें। इससे जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगते हैं।
शिव चालीसा का पाठ करें
सावन शिवरात्रि पर शिव चालीसा का पाठ करें। इससे मनोकामनाएं पूरी होने के योग बनते हैं और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।