राधा अष्टमी 2026

राधा अष्टमी पर भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, धार्मिक मान्यता के अनुसार राधारानी हो सकती हैं नाराज

राधा अष्टमी पर भक्त व्रत, पूजा और सात्विक भोजन के माध्यम से राधा-कृष्ण की अराधना करते हैं, साथ ही क्रोध और अपशब्दों से बचने की सलाह दी जाती है।

By : सोनिया रायकवार
राधा अष्टमी पर भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, धार्मिक मान्यता के अनुसार राधारानी हो सकती हैं नाराज

भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा रानी के जन्मोत्सव के रूप में राधा अष्टमी मनाई जाती है। साल 2026 में राधा अष्टमी का पर्व 19 सितंबर को मनाया जाएगा। इस दिन राधा-कृष्ण की पूजा, व्रत और भजन-कीर्तन का विशेष महत्व माना जाता है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राधा अष्टमी के दिन पूजा-पाठ के साथ मन, वचन और आचरण की शुद्धता पर भी ध्यान देना चाहिए। मान्यता है कि इस दिन कुछ कार्यों से बचना चाहिए। आइए जानते हैं वे 5 बातें, जिनका ध्यान राधा अष्टमी के दिन रखने की सलाह दी जाती है।

1. तामसिक भोजन से रहें दूर

राधा अष्टमी के दिन सात्विक भोजन करने की परंपरा मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मांसाहार, मदिरा, प्याज और लहसुन जैसे तामसिक खाद्य पदार्थों से दूरी रखनी चाहिए। व्रत रखने वाले श्रद्धालु फलाहार या सात्विक आहार का सेवन करते हैं।

2. राधा-कृष्ण की युगल पूजा का महत्व

कई वैष्णव परंपराओं में राधा-कृष्ण की युगल पूजा को विशेष महत्व दिया जाता है। इसलिए राधा अष्टमी पर राधा रानी के साथ भगवान श्रीकृष्ण की भी पूजा करने की परंपरा है। भक्त दोनों के युगल स्वरूप का पूजन कर सुख-शांति की कामना करते हैं।

3. क्रोध और अपशब्दों से बचें

राधा अष्टमी को भक्ति और आध्यात्मिक साधना का दिन माना जाता है। ऐसे में इस दिन क्रोध करने, किसी को अपशब्द कहने या विवाद करने से बचने की सलाह दी जाती है। घर में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना और भगवान के नाम का स्मरण करना शुभ माना जाता है।

4. महिलाओं का सम्मान करें

राधा रानी को प्रेम, करुणा और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में महिलाओं के सम्मान को विशेष महत्व दिया गया है। इसलिए राधा अष्टमी के दिन किसी महिला का अपमान या उसके साथ दुर्व्यवहार करने से बचना चाहिए। श्रद्धालुओं के लिए यह दिन प्रेम, सम्मान और सद्भाव का संदेश देता है।

5. दिन में सोने से बचने की मान्यता

व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को राधा अष्टमी के दिन पूजा-पाठ और भक्ति में समय बिताने की परंपरा है। कुछ धार्मिक मान्यताओं में व्रत के दौरान दिन में सोने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, स्वास्थ्य कारणों से आराम की जरूरत हो तो अपनी शारीरिक स्थिति को प्राथमिकता देना उचित है।

भक्ति और संयम से मनाएं राधा अष्टमी

राधा अष्टमी पर पूजा-व्रत के साथ मन की शुद्धता, संयम, प्रेम और सद्भाव को भी महत्व दिया जाता है। इन नियमों को धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के रूप में देखा जाता है। अलग-अलग संप्रदायों और परिवारों में पूजा-विधि और मान्यताएं अलग हो सकती हैं।

संबंधित सामग्री

आटे और शक्कर के डिब्बे में रखें ये चीजें, धार्मिक मान्यता में माना जाता है बरकत का उपाय

आटे और शक्कर के डिब्बे में रखें ये चीजें, धार्मिक मान्यता में माना जाता है बरकत का उपाय

भारतीय घरों में किचन की व्यवस्था में वास्तु और धार्मिक मान्यताओं का विशेष स्थान है, जिसमें कुछ विशेष चीजें रखने की प्रथा है जिससे सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

एक बेलपत्र, थोड़ा लाल चंदन और मन की बात… पितृ पक्ष में क्यों किया जाता है ये उपाय?

एक बेलपत्र, थोड़ा लाल चंदन और मन की बात… पितृ पक्ष में क्यों किया जाता है ये उपाय?

श्राद्ध पक्ष के दौरान बेलपत्र और लाल चंदन से शिव पूजा की विधि बताई गई है, जिससे पारिवारिक सुख-शांति और परेशानियों से राहत की कामना की जाती है।

श्राद्ध का भोजन बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान, राई के तड़के को लेकर क्या है मान्यता

श्राद्ध का भोजन बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान, राई के तड़के को लेकर क्या है मान्यता

पितृपक्ष के दौरान, श्राद्ध के भोजन में राई का प्रयोग नहीं किया जाता, क्योंकि मान्यता है कि यह कौवों द्वारा अस्वीकार कर दिया जाता है।

16 श्राद्ध में किसी एक दिन गाय को खिलाएं यह आहार, धार्मिक मान्यता में पितरों का मिलता है आशीर्वाद

16 श्राद्ध में किसी एक दिन गाय को खिलाएं यह आहार, धार्मिक मान्यता में पितरों का मिलता है आशीर्वाद

श्राद्ध पक्ष में पितरों की आत्मिक शांति और परिवार के सुख-समृद्धि के लिए गाय को भोजन कराने की परंपरा है।

घर में नमक का गिरना माना जाता है अशुभ! गलती से गिर जाए तो क्या करें, जानिए पारंपरिक मान्यता

घर में नमक का गिरना माना जाता है अशुभ! गलती से गिर जाए तो क्या करें, जानिए पारंपरिक मान्यता

भारत में नमक को लेकर प्रचलित धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं की गहराई में जानकारी, जिसमें वास्तु और चंद्रमा, शुक्र ग्रह से संबंध शामिल हैं।

Advertisement

सेवा के 25 वर्ष 14 सितम्बर से  13 ऑक्टोबर