वैश्विक बाजारों में विभाजन; वॉल स्ट्रीट नई ऊंचाई पर, सोना उछला

वैश्विक बाजारों में विभाजन

एक्सक्लूसिववैश्विक बाजारों में विभाजन; वॉल स्ट्रीट नई ऊंचाई पर, सोना उछला

कमज़ोर अमेरिकी रोज़गार आंकड़ों के बाद वॉल स्ट्रीट ने रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ, जबकि भारतीय बाज़ार में सोने की कीमतें उछलीं।

वैश्विक बाजारों में विभाजन वॉल स्ट्रीट नई ऊंचाई पर सोना उछला

 

मार्केट रिपोर्ट: कमज़ोर रोज़गार आंकड़ों पर वॉल स्ट्रीट रिकॉर्ड ऊंचाई पर, सेंसेक्स-निफ्टी की जीत की लकीर शुक्रवार की गिरावट के बावजूद बरकरार; सोना तेज़ी से चढ़ा, कच्चा तेल फिसला

इस सप्ताह वैश्विक बाज़ारों में स्पष्ट विभाजन देखा गया: अप्रत्याशित रूप से कमज़ोर अमेरिकी रोज़गार आंकड़ों के बाद फेडरल रिज़र्व की दर कटौती की उम्मीदों पर वॉल स्ट्रीट नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया, जबकि एशियाई बाज़ार चीन-नेतृत्व वाली तेज़ी और जापान तथा दक्षिण कोरिया में मुनाफावसूली के बीच बंटे रहे। भारतीय बेंचमार्क ने कमज़ोर शुक्रवार सत्र के बावजूद लगातार दूसरे सप्ताह बढ़त दर्ज की, क्योंकि आरबीआई ने दरें स्थिर रखीं और सोने की कीमतें वैश्विक दर-कटौती की उम्मीदों पर तेज़ी से उछलीं।

भारतीय बाज़ार: शुक्रवार की गिरावट के बावजूद सेंसेक्स, निफ्टी की दूसरी लगातार साप्ताहिक बढ़त

बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार के सत्र में 455.59 अंक या 0.58% गिरकर 78,499.17 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50, 65.35 अंक (0.27%) फिसलकर 24,570.65 पर बंद हुआ, क्योंकि वित्तीय शेयरों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने पश्चिम एशिया में नए सिरे से बढ़े तनाव के बीच सेंटीमेंट पर दबाव डाला। शुक्रवार की गिरावट के बावजूद, सेंसेक्स सप्ताह भर में 404.53 अंक या 0.5% चढ़ा, जबकि निफ्टी 187.05 अंक या 0.8% बढ़ा, जिससे इसकी तेज़ी की लकीर दूसरे लगातार सप्ताह तक बढ़ गई, जिसमें पीएसयू और मेटल शेयरों की अगुवाई रही।

सप्ताह की सबसे बड़ी घटना 5 अगस्त को आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक रही, जहां गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाले पैनल ने दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर अनिश्चितता के बीच रेपो दर को सर्वसम्मति से 5.25% पर अपरिवर्तित रखते हुए तटस्थ रुख बनाए रखा। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए अपने महंगाई अनुमान को भी 10 आधार अंक घटाकर 5% कर दिया, जिसमें FY27 की दूसरी तिमाही के लिए 4.7%, तीसरी तिमाही के लिए 5.9% और चौथी तिमाही के लिए 5.5% का तिमाही अनुमान शामिल है। नतीजों के मोर्चे पर, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज़ में उछाल आया, क्योंकि कंपनी ने अपनी सहायक इकाई नोवेलिस के दम पर समेकित शुद्ध लाभ में साल-दर-साल 75% की उछाल के साथ ₹7,013 करोड़ दर्ज किया, जबकि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने दो दशक से अधिक समय में अपनी सबसे बेहतर एसेट क्वालिटी दर्ज की। सप्ताह भर बाज़ार के रुझान समापन कीमत तय करने के लिए नए लागू किए गए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएएस) तंत्र से भी प्रभावित रहे।

एशियाई बाज़ार: चीन में प्रोत्साहन उम्मीदों पर तेज़ी, जापान-कोरिया में टेक कमज़ोरी से गिरावट

एशियाई बाज़ार मिश्रित रुख के साथ सप्ताह के अंत में बंद हुए, जिसमें मुख्य भूमि चीन/हांगकांग और जापान/दक्षिण कोरिया के बीच स्पष्ट विभाजन देखा गया। चीन का शंघाई कंपोज़िट अपनी तेज़ी की लकीर को आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार को 1.02% चढ़कर 3,940.04 पर बंद हुआ, जिससे इसकी साप्ताहिक बढ़त करीब 2.8% रही, जो सोलर शेयरों की अगुवाई में व्यापक खरीदारी और बीजिंग के आर्थिक प्रोत्साहन उपायों को लेकर निरंतर आशावाद के दम पर हुई। हांगकांग के हैंग सेंग को भी इन्हीं थीमों से सहारा मिला, हालांकि यह सप्ताह भर में मामूली गिरावट के साथ 25,668.03 पर आ गया।

इसके विपरीत, जापान का निक्केई 225 शुक्रवार को 0.12% गिरकर 65,606.71 पर आ गया, हालांकि सप्ताह भर में यह करीब 1.9% की बढ़त के साथ बंद हुआ। दक्षिण कोरिया का कोस्पी क्षेत्र में सबसे कमज़ोर प्रदर्शन करने वाला रहा, जो शुक्रवार को 0.60% गिरकर 6,258.71 पर आ गया — जिससे साप्ताहिक गिरावट करीब 5.1% रही — क्योंकि सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स रिकॉर्ड राजस्व दर्ज करने के बावजूद भारी विदेशी बिकवाली के दबाव में रहे, क्योंकि निवेशकों ने पिछले सप्ताह सूचकांक के रिकॉर्ड 18% के एकल-दिवसीय उछाल के बाद मुनाफावसूली की और इस पर सवाल उठाए कि क्या एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर खर्च मौजूदा मूल्यांकन को बरकरार रख सकता है। हालांकि, गोल्डमैन सैक्स ने मेमोरी चिप क्षेत्र पर तेज़ी का रुख बनाए रखा, यह हवाला देते हुए कि डीआरएएम आपूर्ति की कमी 2030 तक बनी रह सकती है।

अमेरिकी बाज़ार: कमज़ोर रोज़गार आंकड़ों से दर-कटौती की उम्मीदों के बीच एसएंडपी 500, नैस्डैक रिकॉर्ड स्तर पर बंद

अमेरिकी शेयर बाज़ारों ने अप्रैल के बाद अपना सबसे बेहतर सप्ताह दर्ज किया, जिसमें एसएंडपी 500 शुक्रवार को 0.62% चढ़कर 7,757.64 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ, नैस्डैक कंपोज़िट 1.3% उछलकर 26,690.62 पर पहुंचा, और डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 151.83 अंक या 0.28% चढ़कर 54,036.93 पर बंद हुआ। सप्ताह भर के लिए, एसएंडपी 500 करीब 3.6%, नैस्डैक लगभग 5.2% और डाओ करीब 3.0% चढ़ा, जो प्रमुख सूचकांकों के लिए लगातार दूसरा जीत वाला सप्ताह रहा।

इसका उत्प्रेरक शुक्रवार की जुलाई रोज़गार रिपोर्ट रही, जिसमें अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने अप्रत्याशित रूप से 23,000 गैर-कृषि नौकरियां गंवाईं, जबकि करीब 80,000 की वृद्धि की उम्मीद थी, साथ ही पिछले दो महीनों के आंकड़ों में 100,000 से अधिक नौकरियों का नीचे की ओर संशोधन भी हुआ। कमज़ोर श्रम बाज़ार आंकड़ों ने सितंबर में फेडरल रिज़र्व की दर बढ़ोतरी की उम्मीदों को लगभग पूरी तरह समाप्त कर दिया, जिसमें बाज़ार की चौड़ाई उल्लेखनीय रूप से मज़बूत रही — एनवाईएसई और नैस्डैक दोनों पर बढ़ने वाले शेयरों की संख्या घटने वालों से करीब 2-1 के अनुपात में अधिक रही। सप्ताह भर सेमीकंडक्टर शेयरों में उल्लेखनीय रिकवरी देखी गई, जिसमें आईशेयर्स सेमीकंडक्टर ईटीएफ (एसओएक्सएक्स) 7% से अधिक चढ़ा, जबकि एलन मस्क की स्पेसएक्स बढ़ते निवेशक आशावाद पर सप्ताह भर में करीब 19% उछली।

कच्चा तेल: घटते तनाव के बीच सप्ताह भर में ब्रेंट क्रूड 7% से अधिक फिसला

इस सप्ताह कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ गिरावट आई, जिसमें ब्रेंट क्रूड 7.29% गिरकर $82.21 प्रति बैरल पर आ गया, भले ही यह बेंचमार्क पिछले एक महीने में करीब 13% ऊपर बना हुआ है। डब्ल्यूटीआई क्रूड भी इसी के अनुरूप घटकर करीब $78 प्रति बैरल पर आ गया। यह गिरावट मध्य-पूर्व में शिपिंग जोखिम कम होने और क्षेत्र में डी-एस्केलेशन की बेहतर संभावनाओं को दर्शाती है, हालांकि नए सिरे से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को लेकर चिंताओं और पश्चिम एशिया तनाव के चलते सप्ताह भर में कीमतों में रुक-रुक कर तेज़ी भी आई।

आज भारत में सोने और चांदी के भाव

इस महीने अमेरिका में ब्याज दर कटौती को लेकर बढ़ती उम्मीदों से प्रेरित एक मज़बूत वैश्विक बुलियन तेज़ी के साथ, इस सप्ताह भारत में सोना और चांदी तेज़ी से चढ़े। आज की स्थिति के अनुसार:

- 24 कैरेट सोना: लगभग ₹14,970-15,130 प्रति ग्राम (करीब ₹1,49,700-1,51,330 प्रति 10 ग्राम)
- 22 कैरेट सोना: लगभग ₹13,700-13,725 प्रति ग्राम
- 18 कैरेट सोना: लगभग ₹11,230 प्रति ग्राम
- चांदी: लगभग ₹2,35,000-2,40,000 प्रति किलोग्राम

इस सप्ताह कॉमेक्स सोना और चांदी दोनों ने रात भर में मज़बूत बढ़त दर्ज की, जिसमें चांदी विशेष रूप से एक ही सत्र में 5% से अधिक उछली — जो हाल के महीनों में इसकी सबसे तीव्र चालों में से एक है। स्थानीय करों और मेकिंग चार्ज के कारण कीमतें शहर-दर-शहर भिन्न होती हैं, जिनमें चेन्नई आमतौर पर मामूली प्रीमियम पर रहता है। इन आंकड़ों में जीएसटी और अन्य लागू शुल्क शामिल नहीं हैं; इस तेज़ रैली को देखते हुए, प्रकाशन से पहले लाइव दर की जांच करना उचित रहेगा।

रुपया और मुद्रा बाज़ार

इस सप्ताह भारतीय रुपया अपेक्षाकृत स्थिर रहा, जिसमें सप्ताह की शुरुआत में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक पूंजी प्रवाह की गतिशीलता के दबाव के बीच अमेरिकी डॉलर रुपये के मुकाबले अपने बहु-महीने के उच्च स्तरों के करीब मंडराता रहा, इससे पहले कि शुक्रवार तक यह थोड़ा नरम हो। USD/INR आज लगभग ₹95.1-95.35 पर कारोबार कर रहा था, जो सप्ताह की शुरुआत के स्तर से बहुत अलग नहीं है।

अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले रुपया लगभग निम्नलिखित स्तरों पर रहा:

- 1 अमेरिकी डॉलर (USD) ≈ ₹95.2
- 1 यूरो (EUR) ≈ ₹109.5
- 1 ब्रिटिश पाउंड (GBP) ≈ ₹128.5
- 100 जापानी येन (JPY) ≈ ₹60.4

आगे की दिशा

कमज़ोर रोज़गार रिपोर्ट के बाद अमेरिका में दर-कटौती की उम्मीदें फिर से मज़बूती से टेबल पर आने के साथ, अगले सप्ताह के लिए जोखिम सेंटीमेंट सकारात्मक नज़र आता है, हालांकि निवेशक फेड के संभावित रुख की पुष्टि के लिए आगामी अमेरिकी सीपीआई और पीपीआई महंगाई आंकड़ों पर बारीकी से नज़र रखेंगे। भारत में, बाज़ार सहभागी जारी पहली तिमाही के नतीजों के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में किसी भी नए घटनाक्रम पर नज़र रखेंगे। इस बीच, चीन की प्रोत्साहन-प्रेरित तेज़ी और कोरियाई तथा जापानी टेक शेयरों में मुनाफावसूली के बीच का यह विभाजन दर्शाता है कि एआई ट्रेड अभी भी स्थिर होने से कोसों दूर है, भले ही सोने की तीव्र तेज़ी वैश्विक निवेशकों के बीच बनी हुई सतर्कता को रेखांकित करती है।

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*नोट: सोना, चांदी, मुद्रा और कच्चे तेल के इंट्राडे भाव कारोबारी सत्र के दौरान बदलते रहते हैं — उपरोक्त आंकड़े शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 तक रिपोर्ट किए गए भावों को दर्शाते हैं ।*

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