स्टील के बर्तन भारतीय रसोई का अहम हिस्सा हैं। खाना बनाने से लेकर दूध और सब्जियां गर्म करने तक इनका रोजाना इस्तेमाल होता है। लेकिन कई बार अच्छी तरह धोने के बाद भी इनकी सतह पर नीले, पीले, बैंगनी या सुनहरे रंग के इंद्रधनुषी निशान दिखाई देने लगते हैं। अक्सर लोग इन्हें गंदगी या दाग समझकर बर्तन को बार-बार रगड़ने लगते हैं। हालांकि, ज्यादातर मामलों में ये निशान गंदगी नहीं, बल्कि तेज गर्मी के कारण स्टील की सतह पर बनने वाली बेहद पतली ऑक्साइड परत की वजह से दिखाई देते हैं।
स्टील पर क्यों बनते हैं नीले-पीले निशान?
जब स्टील का बर्तन ज्यादा तापमान के संपर्क में आता है तो उसकी सतह पर एक बहुत पतली ऑक्साइड परत बन सकती है। यह परत बेहद पतली होती है और इस पर पड़ने वाली रोशनी अलग-अलग तरह से परावर्तित होती है। इसी वजह से बर्तन की सतह पर नीला, बैंगनी, पीला या सुनहरा रंग दिखाई देने लगता है। खासतौर पर खाली बर्तन को लंबे समय तक तेज आंच पर गर्म करने से ऐसे निशान बनने की संभावना बढ़ जाती है। कभी-कभी खाना बनाते समय बहुत तेज आंच रखने से भी बर्तन का तापमान काफी बढ़ सकता है। इसके अलावा पानी में मौजूद खनिज या सतह पर बचे खाद्य अवशेष भी इन निशानों को ज्यादा स्पष्ट बना सकते हैं।
सिर्फ साबुन से धोने पर निशान क्यों नहीं जाते?
अगर निशान गर्मी के कारण बनी ऑक्साइड परत की वजह से हैं, तो सामान्य डिशवॉश या साबुन उन्हें पूरी तरह नहीं हटा पाता। यही वजह है कि बर्तन धोने के बाद भी हल्के नीले या पीले निशान दिखाई दे सकते हैं। बर्तन दोबारा गर्म करने पर ये रंग फिर से ज्यादा स्पष्ट नजर आ सकते हैं।
सिरके से कैसे साफ करें?
हल्के इंद्रधनुषी निशानों को हटाने के लिए सफेद सिरके का इस्तेमाल किया जा सकता है। सबसे पहले बर्तन को सामान्य तरीके से धो लें। इसके बाद प्रभावित हिस्से पर थोड़ी मात्रा में सफेद सिरका लगाएं और कुछ मिनट के लिए छोड़ दें। फिर मुलायम स्पंज से हल्के हाथों से साफ करें और साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। सफाई के बाद बर्तन को सूखे कपड़े से पोंछ दें।
नींबू भी आ सकता है काम
सफेद सिरके की जगह नींबू के रस का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। प्रभावित हिस्से पर नींबू का रस लगाकर थोड़ी देर छोड़ें और फिर मुलायम स्पंज से साफ करें। इसके बाद बर्तन को पानी से अच्छी तरह धोकर सुखा लें। हालांकि, बहुत ज्यादा जोर लगाकर रगड़ने से बचना चाहिए। बेहद खुरदरे स्क्रबर या ऐसे क्लीनर का इस्तेमाल करने से स्टील की सतह पर खरोंच आ सकती है और उसकी चमक प्रभावित हो सकती है।
आगे से ऐसे निशानों से कैसे बचें?
स्टील के बर्तन को खाली तेज आंच पर लंबे समय तक गर्म करने से बचें। खाना बनाते समय जरूरत के मुताबिक आंच रखें और खाना बनने के बाद बर्तन को लंबे समय तक खाली और गर्म न छोड़ें। अगर बर्तन में बार-बार ऐसे निशान बन रहे हैं, तो खाना पकाने के दौरान तापमान और आंच पर ध्यान देना मददगार हो सकता है। कुल मिलाकर, स्टील पर दिखाई देने वाले नीले-पीले या बैंगनी इंद्रधनुषी निशान अक्सर गर्मी से जुड़े सतही बदलाव का नतीजा होते हैं। सही तरीके से सफाई और तेज आंच से बचाव करके इन्हें काफी हद तक कम किया जा सकता है।