योगी की नियुक्ति पत्र योजना

CM योगी का अखिलेश-शिवपाल पर निशाना, बोले- पहले नौकरियों में डकैती डालने निकलते थे चाचा-भतीजे

उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में नियुक्ति पत्र वितरित किए, विपक्ष की पूर्व भर्ती नीतियों पर कटाक्ष किया।

By : सोनिया रायकवार
CM योगी का अखिलेश-शिवपाल पर निशाना, बोले- पहले नौकरियों में डकैती डालने निकलते थे चाचा-भतीजे

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने बिना नाम लिए अखिलेश यादव और शिवपाल यादव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले नौकरियों में डकैती डालने के लिए चाचा-भतीजे की जोड़ी बेखौफ निकलती थी और आज उपदेश देने की भूमिका में है। सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार अगले छह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रही है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और युवाओं को समय पर नियुक्ति देने पर सरकार का जोर है। एक लाख नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य योगी पहले भी सार्वजनिक रूप से बता चुके हैं।

818 अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र

लखनऊ के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। कुल 818 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इनमें 21 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र दिए, जबकि अन्य चयनित अभ्यर्थियों को संबंधित विभागों के माध्यम से नियुक्ति पत्र दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इन नियुक्तियों में 48 अनुदेशक, उद्योग विभाग के 9 सहायक सांख्यिकी अधिकारी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के 357 एक्स-रे टेक्नीशियन और आयुष विभाग के 404 विभिन्न पदों पर चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं।

'2017 से पहले बिना परीक्षा मिल जाती थी नौकरी'

सीएम योगी ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं होती थीं। उन्होंने कहा कि कई मामलों में विज्ञापन जारी होने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बजाय कथित तौर पर सिफारिश और अन्य माध्यमों का प्रभाव रहता था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने ग्रुप C और D की भर्तियों में इंटरव्यू की व्यवस्था खत्म की है। योगी ने भर्ती बोर्ड और आयोगों को लेकर भी पिछली व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि अब भर्ती प्रक्रिया को राजनीतिक हस्तक्षेप से अलग रखने का प्रयास किया जा रहा है।

'साढ़े नौ लाख युवाओं को दिए नियुक्ति पत्र'

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2017 के बाद से अब तक करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगले छह महीनों में एक लाख से अधिक युवाओं को और नियुक्ति देने का लक्ष्य है। उन्होंने अलग-अलग विभागों में आने वाली भर्तियों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक होमगार्ड में 42 हजार नियुक्तियां प्रस्तावित हैं, जबकि अन्य भर्ती आयोगों के जरिए भी हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की बात कही गई।

'यूपी की पहचान बदलने का काम किया'

सीएम योगी ने अपने संबोधन में 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और रोजगार की स्थिति को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश में दंगे और कर्फ्यू की स्थिति बनी रहती थी और युवाओं के सामने रोजगार का संकट था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने चुनौतियों को अवसर में बदलने पर काम किया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब प्रदेश में निवेशक आ रहे हैं और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने आगामी यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का जिक्र करते हुए कहा कि 25 से 29 सितंबर तक यह आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आयुष क्षेत्र में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया और कहा कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए आयुष विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों पर काम हो रहा है।

नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थियों ने क्या कहा?

कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र पाने वाले कुछ अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया और अपनी नई जिम्मेदारियों को लेकर प्रतिक्रिया दी। डॉ. रेखा पालावत ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी रही और उन्होंने अपने माता-पिता के सहयोग का जिक्र किया। होम्योपैथिक फार्मासिस्ट अंशु गुप्ता ने इसे अपने लिए खुशी का पल बताया। एक्स-रे टेक्नीशियन सरिता सोनी ने कहा कि उनका चयन निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए हुआ और वह इसे बेटियों के लिए रोजगार के अवसरों से जोड़कर देखती हैं। एक्स-रे टेक्नीशियन अनुराग गौतम और सहायक सांख्यिकी अधिकारी दिलीप कुमार ने भी नियुक्ति मिलने पर सरकार और अपने परिवार के प्रति आभार जताया।

संबंधित सामग्री

संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार को पत्र, केलिकुंज आश्रम की जांच की मांग

संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार को पत्र, केलिकुंज आश्रम की जांच की मांग

दिनेश फलाहारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख कर संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा और केलिकुंज आश्रम की जांच की मांग की है।

उप्र के भदोही जिले को अब ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की घोषणा।

उप्र के भदोही जिले को अब ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की घोषणा।

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले का नाम बदलकर 'संत रविदास नगर भदोही' किया गया। इस दौरान 1,340 करोड़ रुपये की 112 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया।

योगी सरकार में एक और महत्वपूर्ण परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्षता व पारदर्शिता के साथ पूरी

योगी सरकार में एक और महत्वपूर्ण परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्षता व पारदर्शिता के साथ पूरी

उत्तर प्रदेश में होमगार्ड के 41,424 पदों के लिए भर्ती के अंतिम परिणाम जारी किए गए। अभ्यर्थी अपने परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

धन के अभाव में किसी छात्र की पढ़ाई नहीं रुकेगी: सीएम योगी

धन के अभाव में किसी छात्र की पढ़ाई नहीं रुकेगी: सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4.60 लाख छात्रों के खातों में 148 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए, ताकि धन के अभाव में कोई भी छात्र शिक्षा से वंचित न रहे।

सीएम योगी ने भदोही दौरे से पहले एक्स पोस्ट किया, लिखा- भदोही के कालीन का बड़ा योगदा

सीएम योगी ने भदोही दौरे से पहले एक्स पोस्ट किया, लिखा- भदोही के कालीन का बड़ा योगदा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के निर्यात में वृद्धि और भदोही के कालीन उद्योग की प्रगति की जानकारी साझा की। इस उद्योग के विकास से प्रदेश के निर्यात में बढ़ोतरी हुई है।

Advertisement

सेवा के 25 वर्ष 14 सितम्बर से  13 ऑक्टोबर