प्रेशर कुकर भारतीय रसोई का बेहद आम बर्तन है। दाल, चावल, सब्जी और कई तरह के व्यंजन बनाने के लिए इसका इस्तेमाल रोजाना किया जाता है। खाना बनाने के बाद कुकर को अच्छी तरह धोना भी जरूरी होता है, लेकिन कई बार सफाई के बावजूद उसके ढक्कन से दाल, मसाले या पुराने खाने जैसी गंध आती रहती है।
अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो सिर्फ ढक्कन की ऊपरी सतह धोना काफी नहीं है। इसकी वजह ढक्कन में लगा छोटा-सा रबर का हिस्सा यानी गैसकेट हो सकता है।
गैसकेट में रह सकती है गंध
कुकर में खाना पकने के दौरान गर्म भाप ढक्कन के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचती है। इस भाप के साथ तेल, मसाले और खाने के बेहद छोटे कण भी ढक्कन के अलग-अलग हिस्सों में जमा हो सकते हैं। रबर की सील यानी गैसकेट ढक्कन के अंदर फिट होती है। इसके किनारों और सतह पर चिकनाई या खाने के अवशेष रह सकते हैं। समय के साथ यही अवशेष पुरानी गंध का कारण बन सकते हैं।
गैसकेट निकालकर करें सफाई
कुकर साफ करते समय ढक्कन से गैसकेट को सावधानी से निकालें। इसे पानी और सामान्य डिशवॉश से अच्छी तरह साफ करें। गैसकेट के दोनों तरफ और खासकर उसके किनारों पर जमा गंदगी को जरूर हटाएं। इसके बाद ढक्कन के उस हिस्से को भी साफ करें जहां गैसकेट फिट होती है। यहां तेल और खाने के छोटे कण जमा हो सकते हैं। मुलायम ब्रश या साफ पुराने टूथब्रश से इन हिस्सों को धीरे-धीरे साफ किया जा सकता है।
वाल्व की सफाई में सावधानी
कुकर के ढक्कन में लगे छोटे छेद और वाल्व की सफाई करते समय खास सावधानी बरतें। इनमें किसी नुकीली चीज को जबरदस्ती डालने से बचें। वाल्व की सफाई के लिए कुकर के निर्माता की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन करना बेहतर है।
बदबू बनी रहे तो क्या करें?
सामान्य सफाई के बाद भी अगर गैसकेट में गंध बनी हुई है तो उसे अच्छी तरह धोकर खुली हवा में सूखने दें। गैसकेट पूरी तरह सूखने के बाद ही उसे दोबारा ढक्कन में लगाएं। सिरका या नींबू जैसे घरेलू उपाय इस्तेमाल करने से पहले कुकर के निर्माता की सफाई संबंधी सलाह जरूर देख लें, क्योंकि अलग-अलग सामग्री और गैसकेट के लिए निर्देश अलग हो सकते हैं। तेज केमिकल या ब्लीच का इस्तेमाल न करें।
कुकर साफ रखने के आसान तरीके
हर बार खाना बनाने के बाद कुकर के ढक्कन और गैसकेट की स्थिति भी जांचें। समय-समय पर गैसकेट निकालकर अलग से साफ करें। कुकर धोने के तुरंत बाद ढक्कन बंद करके न रखें। उसे खुला छोड़कर अच्छी तरह सूखने दें। इससे नमी और खाने की गंध अंदर बंद रहने की संभावना कम होती है। अगर गैसकेट पुरानी, ढीली, फटी या खराब हो गई है और उसमें लगातार गंध बनी रहती है, तो उसे बदलने की जरूरत पड़ सकती है। नई गैसकेट लेते समय अपने कुकर के मॉडल के अनुसार निर्माता द्वारा सुझाया गया सही पार्ट ही इस्तेमाल करें। इसलिए अगली बार कुकर का ढक्कन धोने के बाद भी अगर बदबू आए, तो सिर्फ बाहर से सफाई करने के बजाय गैसकेट और उसके आसपास के हिस्सों पर भी ध्यान दें। नियमित सफाई और अच्छी तरह सुखाने से कुकर में बनी पुरानी खाने की गंध को काफी हद तक कम किया जा सकता है।