चावल धोने की विधियां

चावल धोने का सही तरीका: कितनी बार धोना चाहिए और क्यों है जरूरी?

चावल धोने की प्रक्रिया और इसके महत्व को समझाया गया है, जिसमें विभिन्न प्रकार के चावलों के लिए धोने की संख्या और तरीके बताए गए हैं।

By : सोनिया रायकवार
चावल धोने का सही तरीका: कितनी बार धोना चाहिए और क्यों है जरूरी?

चावल भारतीय रसोई का एक अहम हिस्सा है। दाल, सब्जी, करी या दूसरी डिश के साथ चावल लगभग हर घर में बनाए जाते हैं। लेकिन चावल पकाने से पहले उन्हें धोने का तरीका अलग-अलग हो सकता है। कुछ लोग चावल को सिर्फ एक बार धोते हैं, तो कुछ लोग पानी बदल-बदलकर कई बार धोते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि चावल को आखिर कितनी बार धोना चाहिए और इसे धोने का सही तरीका क्या है?

चावल धोना क्यों जरूरी है?

चावल खेत से लेकर प्रोसेसिंग यूनिट, पैकेजिंग और फिर हमारी रसोई तक पहुंचता है। इस दौरान उसकी सतह पर धूल या बेहद छोटे कण आ सकते हैं। इसके अलावा पैकेट में रखे चावल के दानों के आपस में रगड़ने से उनकी सतह पर महीन स्टार्च पाउडर भी जमा हो सकता है। चावल को पानी से धोने पर सतह पर मौजूद ढीले कण और अतिरिक्त महीन स्टार्च का कुछ हिस्सा पानी के साथ निकल जाता है। इससे पकने के बाद कुछ किस्मों के चावल अपेक्षाकृत कम चिपचिपे और हल्के महसूस हो सकते हैं।

कितनी बार धोना चाहिए?

चावल को कितनी बार धोना है, इसकी कोई एक संख्या हर तरह के चावल के लिए तय नहीं है। सामान्य तौर पर चावल को एक बर्तन में लेकर पानी डालें और हाथ से हल्के-हल्के चलाएं। इसके बाद पानी निकालकर दोबारा साफ पानी डालें। इस प्रक्रिया को तब तक दोहराया जा सकता है, जब तक पानी पहले की तुलना में काफी साफ दिखाई देने लगे। पानी का बिल्कुल कांच की तरह पारदर्शी होना जरूरी नहीं है।

जोर से रगड़ने से बचें

चावल धोते समय दानों को हथेलियों के बीच जोर से रगड़ना सही तरीका नहीं माना जाता। इससे दाने टूट सकते हैं और उनकी बनावट प्रभावित हो सकती है। खासकर अगर आप ऐसे चावल बना रहे हैं जिन्हें पकने के बाद अलग-अलग और फूला हुआ रखना है, तो उन्हें हल्के हाथों से धोना बेहतर रहता है।

चावल की किस्म भी मायने रखती है

बासमती, सामान्य सफेद चावल, ब्राउन राइस और अलग-अलग व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाले चावलों की जरूरत अलग हो सकती है। कुछ चावलों को धोने के बाद भिगोने की जरूरत होती है, जबकि कुछ को धोने के बाद सीधे पकाया जा सकता है। इसलिए चावल के पैकेट पर दिए गए निर्देशों को भी ध्यान में रखना उपयोगी है।

सही तरीका क्या है?

चावल को एक बर्तन में लें, उसमें पर्याप्त पानी डालें और हाथ से हल्के-हल्के चलाएं। पानी निकालकर जरूरत के अनुसार दोबारा धोएं। दानों को ज्यादा देर तक पानी में रखने या बहुत जोर से रगड़ने से बचें। इसके बाद चावल की किस्म और रेसिपी के अनुसार सही मात्रा में पानी डालकर पकाएं। कुल मिलाकर, चावल धोने का उद्देश्य दानों को बार-बार जोर से रगड़ना नहीं, बल्कि उनकी सतह पर मौजूद ढीले कणों और अतिरिक्त महीन स्टार्च को हटाना है। हल्के हाथों से पानी बदलते हुए धोना चावल की बेहतर बनावट पाने की एक आसान शुरुआत हो सकती है।

संबंधित सामग्री

दाल में ज्यादा हो गया है नमक? स्वाद बैलेंस करने के लिए आजमाएं ये आसान ट्रिक्स

दाल में ज्यादा हो गया है नमक? स्वाद बैलेंस करने के लिए आजमाएं ये आसान ट्रिक्स

ज्यादा नमक वाली दाल के स्वाद को संतुलित करने के लिए विभिन्न तरीके जैसे बिना नमक वाली दाल मिलाना, नींबू का रस डालना, और घी का तड़का लगाना शामिल हैं।

पितृ पक्ष में बिना प्याज-लहसुन के बनाएं ये स्वादिष्ट सब्जियां, खाने वाले करेंगे तारीफ

पितृ पक्ष में बिना प्याज-लहसुन के बनाएं ये स्वादिष्ट सब्जियां, खाने वाले करेंगे तारीफ

पितृ पक्ष के दौरान, कई भारतीय परिवार प्याज और लहसुन के बिना सात्विक भोजन बनाते हैं। यहां कुछ स्वादिष्ट और आसान रेसिपीज हैं।

अब साबुत मसाले डालकर बनाएं लाल मिर्च का भरवां अचार, दाल-रोटी संग लगेगा मजेदार

अब साबुत मसाले डालकर बनाएं लाल मिर्च का भरवां अचार, दाल-रोटी संग लगेगा मजेदार

भरवां लाल मिर्च का अचार भारतीय खाने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे साबुत मसालों के साथ तैयार किया जाता है और यह सालों तक खराब नहीं होता।

सुबह की भागदौड़ में बनाएं 10-15 मिनट में 5 तरह के इंस्टेंट डोसा, न भिगोने की झंझट, न फर्मेंटेशन का इंतजार

सुबह की भागदौड़ में बनाएं 10-15 मिनट में 5 तरह के इंस्टेंट डोसा, न भिगोने की झंझट, न फर्मेंटेशन का इंतजार

व्यस्त सुबहों में नाश्ता तैयार करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यहाँ पाँच इंस्टेंट डोसा रेसिपीज दी गई हैं, जो त्वरित और स्वादिष्ट हैं।

सुबह सुबह खाली पेट भीगी हुई मेथी खाने के ये हैं बड़े फायदे

सुबह सुबह खाली पेट भीगी हुई मेथी खाने के ये हैं बड़े फायदे

मेथी दाना, जिसे भारतीय रसोईयों में सदियों से उपयोग किया जाता है, न केवल स्वाद बढ़ाता है बल्कि फाइबर, प्रोटीन, और आयरन से भरपूर होता है।

Advertisement

सेवा के 25 वर्ष 14 सितम्बर से  13 ऑक्टोबर