पितृ पक्ष के सात्विक भोजन

पितृ पक्ष में बिना प्याज-लहसुन के बनाएं ये स्वादिष्ट सब्जियां, खाने वाले करेंगे तारीफ

पितृ पक्ष के दौरान, कई भारतीय परिवार प्याज और लहसुन के बिना सात्विक भोजन बनाते हैं। यहां कुछ स्वादिष्ट और आसान रेसिपीज हैं।

By : सोनिया रायकवार
पितृ पक्ष में बिना प्याज-लहसुन के बनाएं ये स्वादिष्ट सब्जियां, खाने वाले करेंगे तारीफ

पितृ पक्ष के दौरान कई घरों में सात्विक भोजन बनाने की परंपरा होती है। इस दौरान प्याज और लहसुन का इस्तेमाल नहीं किया जाता। ऐसे में रोजाना क्या बनाया जाए, यह सवाल अक्सर बना रहता है। अगर आप भी पितृ पक्ष में बिना प्याज-लहसुन के स्वादिष्ट सब्जियां बनाना चाहते हैं, तो इन आसान रेसिपीज को ट्राई कर सकते हैं।

आलू-टमाटर की सात्विक सब्जी

आलू-टमाटर की सब्जी बिना प्याज-लहसुन के भी स्वादिष्ट बनाई जा सकती है। इसके लिए उबले आलू को टमाटर, अदरक, हरी मिर्च, जीरा और हल्के मसालों के साथ पकाएं। आखिर में हरा धनिया डालकर गर्मागर्म परोसें। यह सब्जी रोटी, पूरी या पराठे के साथ अच्छी लगती है।

लौकी की हल्की सब्जी

सात्विक भोजन के लिए लौकी एक आसान विकल्प है। लौकी को छोटे टुकड़ों में काटकर जीरा, अदरक, टमाटर और हल्दी के साथ पकाया जा सकता है। स्वाद के अनुसार नमक और हरा धनिया डालें। इसे रोटी या दाल-चावल के साथ परोसा जा सकता है।

आलू-जीरा की सूखी सब्जी

कम सामग्री में जल्दी बनने वाली आलू-जीरा की सब्जी भी पितृ पक्ष के दौरान बनाई जा सकती है। घी में जीरा, हरी मिर्च और अदरक का तड़का लगाकर उबले आलू डालें। इसमें हल्दी और धनिया पाउडर मिलाकर कुछ मिनट भूनें। ऊपर से हरा धनिया डालकर परोसें।

कद्दू की खट्टी-मीठी सब्जी

कद्दू की खट्टी-मीठी सब्जी भी बिना प्याज-लहसुन के बनाई जा सकती है। घी में जीरा और मेथी दाने का हल्का तड़का लगाएं। इसके बाद कद्दू, हल्दी, धनिया पाउडर और नमक डालकर पकाएं। स्वाद के अनुसार थोड़ा गुड़ और अमचूर मिलाने से सब्जी का स्वाद खट्टा-मीठा हो जाता है।

अरबी की सूखी सब्जी

अरबी को उबालकर छील लें और गोल टुकड़ों में काटें। अब घी या तेल में अजवाइन, जीरा और हरी मिर्च का तड़का लगाएं। अरबी डालकर हल्दी, धनिया पाउडर और अमचूर मिलाएं। धीमी आंच पर इसे हल्का कुरकुरा होने तक पकाएं। यह सब्जी रोटी और पूरी दोनों के साथ परोसी जा सकती है।

सात्विक भोजन बनाते समय रखें ध्यान

पितृ पक्ष के दौरान भोजन बनाते समय कई परिवार साफ-सफाई और सात्विकता का विशेष ध्यान रखते हैं। हालांकि, खानपान की परंपराएं परिवार और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए भोजन तैयार करते समय अपनी पारिवारिक परंपरा का ध्यान रखें।

स्वाद बढ़ाने के लिए जीरा, अदरक, हरी मिर्च, धनिया और सेंधा नमक जैसी सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तरह बिना प्याज-लहसुन के भी पितृ पक्ष में रोजाना अलग-अलग और स्वादिष्ट सब्जियां बनाई जा सकती हैं।

संबंधित सामग्री

श्राद्ध का भोजन बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान, राई के तड़के को लेकर क्या है मान्यता

श्राद्ध का भोजन बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान, राई के तड़के को लेकर क्या है मान्यता

पितृपक्ष के दौरान, श्राद्ध के भोजन में राई का प्रयोग नहीं किया जाता, क्योंकि मान्यता है कि यह कौवों द्वारा अस्वीकार कर दिया जाता है।

16 श्राद्ध में किसी एक दिन गाय को खिलाएं यह आहार, धार्मिक मान्यता में पितरों का मिलता है आशीर्वाद

16 श्राद्ध में किसी एक दिन गाय को खिलाएं यह आहार, धार्मिक मान्यता में पितरों का मिलता है आशीर्वाद

श्राद्ध पक्ष में पितरों की आत्मिक शांति और परिवार के सुख-समृद्धि के लिए गाय को भोजन कराने की परंपरा है।

आज से पितृ पक्ष शुरू, तर्पण-श्राद्ध नहीं कर पाएं तो ऐसे करें पितरों का स्मरण

आज से पितृ पक्ष शुरू, तर्पण-श्राद्ध नहीं कर पाएं तो ऐसे करें पितरों का स्मरण

26 सितंबर से पितृ पक्ष शुरू हो गया है, जो 10 अक्टूबर को समाप्त होगा। इस दौरान हिंदू धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूर्वजों का स्मरण और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है।

पितृ पक्ष 2026: 26 सितंबर से पूर्णिमा श्राद्ध, जानें किस दिन किस पितर का श्राद्ध

पितृ पक्ष 2026: 26 सितंबर से पूर्णिमा श्राद्ध, जानें किस दिन किस पितर का श्राद्ध

2026 में पितृ पक्ष की शुरुआत 27 सितंबर से होगी, जिसमें पूर्वजों को याद कर उनके लिए तर्पण, श्राद्ध और दान की परंपराएँ निभाई जाएंगी।

चावल धोने का सही तरीका: कितनी बार धोना चाहिए और क्यों है जरूरी?

चावल धोने का सही तरीका: कितनी बार धोना चाहिए और क्यों है जरूरी?

चावल धोने की प्रक्रिया और इसके महत्व को समझाया गया है, जिसमें विभिन्न प्रकार के चावलों के लिए धोने की संख्या और तरीके बताए गए हैं।

Advertisement

सेवा के 25 वर्ष 14 सितम्बर से  13 ऑक्टोबर