सुबह नींद खुलने के बाद कई लोगों को कमर, गर्दन, कंधों और पैरों में जकड़न या भारीपन महसूस होता है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में सोने, शारीरिक गतिविधि की कमी या गलत पोश्चर की वजह से शरीर में अकड़न हो सकती है। ऐसे में बिस्तर से उठते ही तेज मूवमेंट करने के बजाय कुछ देर हल्की स्ट्रेचिंग और योग करना मददगार हो सकता है।
योग शरीर को धीरे-धीरे सक्रिय करने के साथ मांसपेशियों के लचीलेपन और शरीर के संतुलन को बनाए रखने में मदद कर सकता है। अगर आपको भी सुबह उठते ही कमर या शरीर में जकड़न महसूस होती है, तो अपनी दिनचर्या में ये आसान योगासन शामिल कर सकते हैं।
बालासन
बालासन पीठ, कमर और कंधों को आराम देने वाला आसान योगासन है। लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों के लिए भी यह उपयोगी हो सकता है।
कैसे करें?
सबसे पहले योग मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं। इसके बाद धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें और माथे को जमीन पर रखें। दोनों हाथों को सामने की ओर फैलाएं या शरीर के बगल में रखें। सामान्य रूप से सांस लेते हुए 20 से 30 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें। इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में वापस आएं।
सेतुबंधासन
सुबह कमर और कूल्हों में जकड़न महसूस होने पर सेतुबंधासन का अभ्यास किया जा सकता है। यह ग्लूट्स, जांघों और पीठ की मांसपेशियों को सक्रिय करने में मदद कर सकता है।
कैसे करें?
पीठ के बल जमीन पर लेट जाएं और दोनों घुटनों को मोड़कर पैरों को जमीन पर रखें। हाथों को शरीर के दोनों ओर सीधा रखें। सांस लेते हुए धीरे-धीरे हिप्स को ऊपर उठाएं। कुछ सेकंड रुकने के बाद सांस छोड़ते हुए वापस नीचे आएं। इसे 5 से 8 बार धीरे-धीरे दोहराया जा सकता है।
मार्जरी आसन
मार्जरी आसन सुबह रीढ़ की हड्डी को धीरे-धीरे मूवमेंट देने में मदद कर सकता है। इसके अभ्यास से पीठ और कमर की मांसपेशियों में लचीलापन बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।
कैसे करें?
योग मैट पर हाथों और घुटनों के सहारे आ जाएं। दोनों हथेलियां कंधों के नीचे और घुटने हिप्स के नीचे रखें। सांस लेते हुए पेट को हल्का नीचे करें और गर्दन को सहज रूप से ऊपर उठाएं। इसके बाद सांस छोड़ते हुए पीठ को गोल करें और ठोड़ी को छाती की ओर लाएं। इस प्रक्रिया को 8 से 10 बार धीरे-धीरे दोहराएं।
पवनमुक्तासन
पवनमुक्तासन पेट और कमर के आसपास हल्का खिंचाव देने वाला आसन है। सुबह शरीर को धीरे-धीरे सक्रिय करने के लिए इसे किया जा सकता है।
कैसे करें?
पीठ के बल सीधे लेट जाएं। अब एक या दोनों घुटनों को मोड़कर छाती की ओर लाएं। दोनों हाथों से घुटनों को हल्के से पकड़ें। कुछ सेकंड तक इसी स्थिति में रहें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें। इसके बाद धीरे-धीरे पैरों को वापस सीधा कर लें।
सुप्त पादांगुष्ठासन
अगर सुबह उठने पर पैरों के पिछले हिस्से यानी हैमस्ट्रिंग में खिंचाव या जकड़न महसूस होती है, तो सुप्त पादांगुष्ठासन किया जा सकता है। यह पैरों और हिप्स के आसपास लचीलापन बनाए रखने में मदद कर सकता है।
कैसे करें?
पीठ के बल जमीन पर लेट जाएं। एक पैर को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। हाथों से जांघ या पिंडली को सहारा दें। जरूरत पड़ने पर योग स्ट्रैप का इस्तेमाल किया जा सकता है। घुटने को जबरदस्ती सीधा न करें। 20 से 30 सेकंड तक इसी स्थिति में रुकें और फिर पैर नीचे कर लें। दूसरे पैर से भी यही प्रक्रिया दोहराएं।
योग करते समय इन बातों का रखें ध्यान
सुबह उठते ही शरीर को अचानक खींचने या झटके देने से बचें। शुरुआत हल्के मूवमेंट से करें और अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही योगासन करें। किसी भी मुद्रा के दौरान दर्द, चक्कर या असहजता महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं। अगर कमर में लगातार दर्द, पैरों में झनझनाहट, कमजोरी या तेज जकड़न रहती है, तो केवल योग पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें। नियमित और सही तरीके से किया गया हल्का योग सुबह शरीर को सक्रिय करने, मांसपेशियों का लचीलापन बनाए रखने और दिन की शुरुआत सहज बनाने में मदद कर सकता है।