मुंबई के शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान CJP ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। मुंबई पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी शिवाजी पार्क पहुंचे। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
CM फडणवीस ने प्रदर्शन पर क्या कहा?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने CJP के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह पहले ही स्पष्ट करना चाहते हैं कि पूरा मामला सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों की ओर से रखी गई बातों के बाद जिस ‘फेक नैरेटिव’ को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, उसमें सफलता नहीं मिलेगी। यह मुख्यमंत्री का बयान है और इसे उनके राजनीतिक मत के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की
CJP के प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर था। संगठन ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मतदाता सूची से जुड़े मामलों पर सवाल उठाए। CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR प्रक्रिया पर रोक और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में अधिक पारदर्शिता की मांग की है। संगठन की ओर से मतदाताओं के नाम हटाए जाने से जुड़े कई आरोप भी लगाए गए हैं, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने अनुमति नहीं दी थी
मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। पुलिस ने वहां लागू प्रतिबंधों और 2013 के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दिया था। इसके बावजूद CJP के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने प्रदर्शन किया। शिवाजी पार्क और दादर स्टेशन के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई और प्रमुख रास्तों पर बैरिकेड लगाए गए।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे
रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तिरंगा और विभिन्न मांगों से जुड़े पोस्टर लेकर नारे लगाए। अभिनेत्री शबाना आजमी, नसीरुद्दीन शाह और गायक विशाल ददलानी समेत कुछ जानी-मानी हस्तियां भी प्रदर्शन में शामिल हुईं।
CJP ने आगे भी आंदोलन जारी रखने की बात कही
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रदर्शन के दौरान आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आगे दूसरे शहरों में भी प्रदर्शन किए जाएंगे और दिल्ली में ‘जंतर-मंतर 2.0’ जैसा आंदोलन किया जा सकता है।
चुनाव आयोग और प्रदर्शनकारियों के दावों पर अलग-अलग पक्ष
CJP और उसके समर्थक SIR तथा मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग ने SIR और अन्य फैसलों को लेकर आयोग की ओर से लिए गए निर्णयों को लेकर अपनी स्थिति रखी है। फडणवीस ने भी प्रदर्शनकारियों के आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें ‘फेक नैरेटिव’ बताया है। ऐसे में इस पूरे मामले में प्रदर्शनकारियों के आरोप और सरकार/चुनाव आयोग का पक्ष अलग-अलग हैं।