काला धागा पहनने के नियम

किस दिन धारण करें हाथ में काला धागा? जानिए इसके सही नियम

काला धागा विशेष रूप से शनि, राहु-केतु और भैरव बाबा से संबंधित है, जो बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव करता है। इसे सही विधि से पहनने पर लाभ होता है।

By : हेमा गुप्ता
किस दिन धारण करें हाथ में काला धागा? जानिए  इसके सही नियम

किस दिन धारण करें हाथ में काला धागा? जानिए इसके सही नियम

Rules for Wearing a Black Thread:काला धागा शनि, राहु-केतु और भैरव बाबा से जुड़ा माना जाता है। इसे मुख्य रूप से बुरी नजर, नकारात्मक ऊर्जा और जीवन की बाधाओं से बचाव के लिए पहना जाता है। ज्योतिष शास्त्र और लोक मान्यताओं के अनुसार, सही विधि से पहनने पर यह धागा सकारात्मक परिणाम देता है। नीचे विस्तार से जानें काला धागा बांधने के नियम।

क्यों बांधा जाता है काला धागा?

काला धागा नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है, जिससे पहनने वाले व्यक्ति पर बुरी नजर और नेगेटिव प्रभाव नहीं पड़ता। यह शनि ग्रह के अशुभ प्रभाव, राहु-केतु दोष और विभिन्न जीवन समस्याओं को कम करने में सहायक होता है। कई लोग इसे स्वास्थ्य, तरक्की और बाधा मुक्ति के लिए भी धारण करते हैं।

काला धागा किस हाथ में बांधना चाहिए?

काला धागा दाएं हाथ (सीधे हाथ) की कलाई पर बांधना सबसे उत्तम माना जाता है। इससे बिगड़े काम बनने लगते हैं, बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में तरक्की के नए रास्ते खुलते हैं। सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और आने वाली समस्याएं कम हो जाती हैं।

नजर दोष से बचाव के लिए 

नजर दोष से बचने के लिए अभिमंत्रित या शनिवार को शनिदेव की पूजा में इस्तेमाल किया गया काला धागा ही पहनना चाहिए।  अगर कलाई पर बांधना संभव न हो तो गले में भी धारण किया जा सकता है।  

वैष्णो देवी मंदिर से भैरो बाबा का काला धागा लाकर पहनना भी अत्यंत शुभ माना जाता है।  यदि संभव हो तो अभिजीत मुहूर्त या ब्रह्म मुहूर्त में धारण करें।

काला धागा हाथ में कितनी बार लपेटें?

1. धागे को 2, 4, 6 या 8 बार लपेटना उचित है।  
2. पहले इसमें 9 गांठें अवश्य बांधें।  
3. ध्यान रखें कि जिस हाथ में काला धागा बांध रहे हैं, उसमें लाल या पीला धागा पहले से न बंधा हो।
4. मुख्य मंत्र: “ॐ शं शनैश्चराय नमः” — कम से कम 21 या 108 बार जपें।  

संबंधित सामग्री

श्री गणेश को क्यों चढ़ाते हैं दूर्वा, जानिए क्या है कारण, नियम और मंत्र

श्री गणेश को क्यों चढ़ाते हैं दूर्वा, जानिए क्या है कारण, नियम और मंत्र

गणेश चतुर्थी पर दूर्वा चढ़ाने की परंपरा का महत्वपूर्ण कारण और इसके औषधीय गुणों की जानकारी।

पूजा की बची हुई बाती को यूं न फेंकें, आज जानिए इसका सही उपयोग …

पूजा की बची हुई बाती को यूं न फेंकें, आज जानिए इसका सही उपयोग …

पूजा के बाद बची बातियों को फेंकने की बजाय, उन्हें एकत्र कर धार्मिक उपयोग में लाने के तरीके बताए गए हैं जैसे शुभ तिलक और पौधों को पोषण।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शारजाह में बी-आह मुख्यालय का किया दौरा, वेस्ट मैनेजमेंट सहित कई विषयों पर हुआ मंथन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शारजाह में बी-आह मुख्यालय का किया दौरा, वेस्ट मैनेजमेंट सहित कई विषयों पर हुआ मंथन

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UAE में बी-आह के मुख्यालय का दौरा कर पर्यावरण संरक्षण और स्मार्ट सिटी विकास पर चर्चा की।

सप्ताह के 7 दिन, 7 कामों से रहें सावधान, ज्योतिष में बताए गए हैं ये नियम

सप्ताह के 7 दिन, 7 कामों से रहें सावधान, ज्योतिष में बताए गए हैं ये नियम

सप्ताह के प्रत्येक दिन के लिए ज्योतिषीय मान्यताएँ और उनसे जुड़े विशेष उपाय बताए गए हैं, जैसे सोमवार को काले कपड़े न पहनना।

गणेश उत्सव: घर में गणेश जी की प्रतिमा रखने से पहले जानें 5 जरूरी नियम

गणेश उत्सव: घर में गणेश जी की प्रतिमा रखने से पहले जानें 5 जरूरी नियम

गणेश जी की पूजा के लिए धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं का पालन कैसे करें, इस पर विस्तृत जानकारी। गणपति की प्रतिमा, पूजा सामग्री और विधि पर विशेष ध्यान दें।

Advertisement

मुख्य मंत्री सुगम परिवहन सेवा MP Add  on 09 Sep 2026 To 26 Sep 2026

Advertisement

सेवा के 25 वर्ष 14 सितम्बर से  13 ऑक्टोबर