पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर जारी सियासी खींचतान के बीच पार्टी हाईकमान ने बड़ा संकेत दे दिया है। नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के साथ हुई बैठक के बाद साफ हो गया कि पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा। यानी अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बने रहेंगे। इस फैसले को पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थकों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
वड़िंग पर अपना भरोसा बरकरार रखा
पिछले करीब 15 दिनों से चन्नी गुट खुलकर राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की मांग कर रहा था। समर्थकों का तर्क था कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए संगठन में बदलाव जरूरी है। हालांकि, हाईकमान ने फिलहाल किसी भी बदलाव से इनकार करते हुए वड़िंग पर अपना भरोसा बरकरार रखा है।
कोशिश के रूप में देखा जा रहा
बैठक के बाद चरणजीत सिंह चन्नी ने भी सार्वजनिक रूप से कहा कि उनके लिए पार्टी सर्वोपरि है और कांग्रेस हाईकमान का फैसला अंतिम होगा। उन्होंने राहुल गांधी को अपना नेता बताते हुए कहा कि संगठन जो भी निर्णय लेगा, उसका पूरा सम्मान किया जाएगा। चन्नी के इस बयान को पार्टी में अनुशासन और एकजुटता बनाए रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान राहुल गांधी ने चन्नी गुट से अलग से कोई मुलाकात नहीं की। हालांकि, संसद सत्र के दौरान चन्नी और राहुल गांधी की संभावित मुलाकात की चर्चा जरूर है। माना जा रहा है कि उस दौरान पंजाब कांग्रेस के संगठन और आगामी चुनावी रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है।
राजा वड़िंग पर पार्टी का भरोसा कायम
वहीं, कांग्रेस नेतृत्व जल्द ही पंजाब में संगठन को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय हो सकता है। राहुल गांधी के निकट भविष्य में पंजाब दौरे की भी संभावना जताई जा रही है, जहां वे पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा ले सकते हैं। फिलहाल हाईकमान का संदेश स्पष्ट है कि प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर पार्टी का भरोसा कायम है।