त्योहारी सीजन को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने मिलावटखोरी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों में सरकारी टीमों ने जांच तेज कर दी है। जिलाधिकारियों को एक सप्ताह तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि इसकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी मंडलायुक्तों को सौंपी गई है।
दुकानों पर छापे, सैंपलिंग और नोटिस
सोमवार को सभी जिलों में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए। कई दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए, जबकि सड़ी-गली और एक्सपायरी डेट की सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया। टीम खाद्य गुणवत्ता के साथ चीनी की जमाखोरी और घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल की भी जांच कर रही है।
कई जिलों में कार्रवाई तेज
चमोली में तीन सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए और एक्सपायरी सामग्री मिलने पर दो दुकानदारों को नोटिस दिया गया। रुद्रप्रयाग में 12 दुकानों का निरीक्षण कर छह सैंपल लिए गए। छह दुकानों पर एक्सपायरी सामान मिलने के बाद उसे नष्ट कराया गया। अल्मोड़ा में मिठाइयों के दो और बागेश्वर में तीन सैंपल लिए गए। पिथौरागढ़ में भी दो सैंपल लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
देहरादून में 70 प्रतिष्ठानों की जांच
देहरादून में एक अगस्त से अब तक 70 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और 48 सैंपल एकत्र किए गए। सोमवार को 11 खाद्य नमूने लिए गए, जबकि तीन प्रतिष्ठानों को सुधार की चेतावनी दी गई। 11 दुकानदारों को नोटिस और चार मामले एडीएम कोर्ट में दर्ज कराए गए हैं। हरिद्वार में अब तक 47 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 27 सैंपल लिए गए और 10 नोटिस जारी हुए।
मिठाई और खाद्य सामग्री पर खास नजर
पौड़ी में सोमवार को 10 सैंपल लिए गए, जबकि नैनीताल में छह सैंपल जांच के लिए भेजे गए और 10 किलो मानकविहीन मिठाई नष्ट कराई गई। टिहरी में सात प्रतिष्ठानों से छह सैंपल और उत्तरकाशी में 15 स्थानों के निरीक्षण के दौरान चार सैंपल लिए गए। सरकार ने साफ किया है कि त्योहारों के दौरान मिलावट और जमाखोरी रोकने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।