उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को सचिवालय में प्रदेश के विभिन्न जिला सहकारी बैंकों के नवनिर्वाचित अध्यक्षों ने मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी अध्यक्षों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की। बैठक में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से जनहित में काम करने और सहकारी संस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने की अपेक्षा जताई।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहकारिता की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सहकारिता राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जिला सहकारी बैंक किसानों, ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने का काम कर रहे हैं। इनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार, आर्थिक गतिविधियों और वित्तीय सेवाओं को बढ़ावा देने में मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी बैंकों को ग्रामीण विकास का मजबूत माध्यम बनाकर गांवों में आर्थिक अवसरों का विस्तार किया जा सकता है।
पारदर्शिता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश
मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित अध्यक्षों से अपेक्षा की कि वे अपने कार्यकाल में पारदर्शिता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे। उन्होंने सहकारिता क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में मिलकर काम करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री के अनुसार, सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली में बेहतर प्रबंधन, जवाबदेही और आम लोगों की जरूरतों का ध्यान रखना जरूरी है। इससे किसानों, ग्रामीण परिवारों, महिलाओं और युवाओं को बैंकिंग तथा आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयासों को मजबूती मिल सकती है।
पांच जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्ष हुए शामिल
मुख्यमंत्री से भेंट करने वालों में जिला सहकारी बैंक देहरादून के अध्यक्ष मंजीत रावत, चमोली के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह रावत, जिला सहकारी बैंक गढ़वाल यानी कोटद्वार के अध्यक्ष पंकज रावत, टिहरी गढ़वाल के अध्यक्ष सुभाष चंद रमोला और हरिद्वार के अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह चौधरी शामिल रहे। ये सभी हाल ही में जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और सहकारिता क्षेत्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की उम्मीद जताई।
गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर
मुख्यमंत्री धामी के संदेश में ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक मजबूती और सहकारी बैंकों की भूमिका पर विशेष जोर रहा। जिला सहकारी बैंक ग्रामीण आबादी को वित्तीय सेवाओं से जोड़ने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में सहायक हो सकते हैं। ऐसे में नवनिर्वाचित अध्यक्षों के सामने बैंकिंग सेवाओं को बेहतर बनाने और सहकारिता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की जिम्मेदारी होगी। सरकार की अपेक्षा है कि सहकारी संस्थाएं जनहित, पारदर्शिता और ग्रामीण विकास के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ेंगी।