बदहाल सड़कों का दर्द

सड़क न होने का दर्द: नागपुर से आया शव, कीचड़ में फंसी एंबुलेंस तो बैलगाड़ी से घर पहुंचाया शव

मध्य प्रदेश के शहडोल में बदहाल सड़कें ने श्यामकली पटेल के शव को बैलगाड़ी से ले जाने पर मजबूर किया, जिससे गांव में विकास की स्थिति पर सवाल उठे।

By : सोनिया रायकवार
सड़क न होने का दर्द: नागपुर से आया शव, कीचड़ में फंसी एंबुलेंस तो बैलगाड़ी से घर पहुंचाया शव

 

मध्य प्रदेश के शहडोल के ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के आखेटपुर गांव के डाला टोला में बदहाल सड़क व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने गांवों में विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 70 वर्षीय श्यामकली पटेल का नागपुर में इलाज के दौरान निधन हो गया। परिजन उनका शव एंबुलेंस से गांव तक लेकर पहुंचे, लेकिन घर से करीब एक किलोमीटर पहले कीचड़ और दलदल से भरे रास्ते ने एंबुलेंस के पहिए रोक दिए। इसके बाद परिजनों के पास शव को बैलगाड़ी से घर ले जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। करीब एक किलोमीटर तक शव को बैलगाड़ी में रखकर कीचड़ भरे रास्ते से घर पहुंचाया गया।

एंबुलेंस गांव तक पहुंची, घर से पहले रुकी

ग्राम पंचायत आखेटपुर के वार्ड नंबर-1 डाला टोला निवासी श्यामकली पटेल का नागपुर में उपचार चल रहा था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन एंबुलेंस से शव लेकर गांव पहुंचे। लेकिन घर से करीब एक किलोमीटर पहले सड़क की हालत इतनी खराब थी कि एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ सकी। बारिश के बाद रास्ते पर जगह-जगह कीचड़ और दलदल हो गया था।

मजबूरी में बैलगाड़ी से ले जाना पड़ा शव

एंबुलेंस के आगे नहीं बढ़ पाने के बाद परिजनों ने शव को बैलगाड़ी में रखा और करीब एक किलोमीटर तक कीचड़ भरे रास्ते से घर ले गए। इस दौरान परिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह तस्वीर सिर्फ एक परिवार की परेशानी नहीं, बल्कि डाला टोला में सड़क की बदहाल स्थिति को भी सामने लाती है। बारिश के मौसम में ग्रामीणों के लिए यह रास्ता और भी मुश्किल हो जाता है।

पहले भी सामने आई हैं सड़क की बदहाली की तस्वीरें

इसी क्षेत्र में सड़क की बदहाली के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है। इससे पहले रीवा में भी कीचड़ भरे रास्ते के कारण प्रसव पीड़िता को एंबुलेंस तक पहुंचाने में दिक्कत की तस्वीर सामने आई थी। ऐसे मामलों के बाद ग्रामीण इलाकों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

कई बार की गई सड़क निर्माण की मांग

जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र पटेल के मुताबिक, डाला टोला तक सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार शासन और प्रशासन को अवगत कराया गया है। ग्रामीण भी लंबे समय से सड़क की समस्या दूर करने की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। बारिश के दौरान रास्ते की स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे चार पहिया वाहनों का गुजरना मुश्किल हो जाता है।

विकास के दावों पर खड़ा हुआ सवाल

डाला टोला की यह तस्वीर सीधे तौर पर सवाल खड़ा करती है कि अगर किसी गांव तक एंबुलेंस आसानी से नहीं पहुंच सकती और एक मृतक के शव को अंतिम सफर के लिए भी कीचड़ भरे रास्ते से बैलगाड़ी पर ले जाना पड़े, तो ग्रामीणों तक विकास की सुविधाएं आखिर कितनी पहुंची हैं। ग्रामीणों की मांग है कि सड़क की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि बारिश के मौसम में किसी परिवार को ऐसी मजबूरी का सामना न करना पड़े।

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