पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को पंजाब का पार्टी प्रभारी नियुक्त किया है। जिम्मेदारी संभालते ही पायलट ने आम आदमी पार्टी (AAP) शासित पंजाब में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से किए जा रहे ‘स्कूल ऑडिट’ पर सवाल खड़े किए हैं।
पायलट ने सवाल उठाया कि जिस तरह CJP देश के दूसरे राज्यों में सरकारी स्कूलों का ऑडिट कर रही है, उसी नजरिए और उसी साहस के साथ पंजाब के स्कूलों की पड़ताल क्यों नहीं की जा रही है।
‘पंजाब को कोई विशेष छूट नहीं मिलनी चाहिए’
पायलट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि पंजाब या देश के किसी भी हिस्से में स्कूलों का ऑडिट किया जाना स्वागत योग्य है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि पंजाब का ऑडिट भी उन्हीं सवालों, उन्हीं मानकों और उसी साहस के साथ होना चाहिए, जिसके साथ अन्य राज्यों की सरकारों की समीक्षा की जाती है।
उन्होंने कहा कि पंजाब को किसी तरह की विशेष छूट नहीं मिलनी चाहिए और आम आदमी पार्टी को भी ‘दोस्ताना छूट’ नहीं दी जानी चाहिए। पायलट की यह प्रतिक्रिया CJP के सह-संयोजक सौरव दास की ओर से लुधियाना के तीन स्कूलों के किए गए ‘ऑडिट’ के बाद आई है।
लुधियाना के स्कूलों में सुविधाओं की तारीफ
सौरव दास ने सोशल मीडिया पर अपने दौरे का विवरण साझा करते हुए लुधियाना के एक स्कूल ऑफ एमिनेंस में बेहतर बुनियादी ढांचे और सुविधाओं की तारीफ की। उन्होंने स्कूल में स्विमिंग पूल, बैडमिंटन कोर्ट, दिव्यांग बच्चों के लिए रैंप और एआई लैब जैसी सुविधाओं का उल्लेख किया।
हालांकि, उन्होंने तीनों स्कूलों में कुछ कमियां भी गिनाईं और कहा कि इन मुद्दों को लेकर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस से बातचीत हुई है। उनके मुताबिक, मंत्री ने समस्याओं को जल्द दूर करने का भरोसा दिया।
CJP की इस पहल के बाद आम आदमी पार्टी के संस्थापक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी सौरव दास का धन्यवाद किया और स्कूलों में सामने आई कमियों को जल्द दूर किए जाने की बात कही।
CJP और AAP के रिश्तों पर उठे सवाल
इसके बाद सोशल मीडिया पर CJP के पंजाब को लेकर कथित नरम रुख पर सवाल उठने लगे। कुछ लोगों ने संगठन को AAP की ‘बी टीम’ तक बताया। कांग्रेस की ओर से भी इसी कथित ‘दोस्ताना रवैये’ को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
यह विवाद इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि CJP को AAP नेताओं का समर्थन पहले भी मिलता रहा है। अगस्त में CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने राजस्थान के एक सरकारी स्कूल का ‘ऑडिट’ किया था। CJP ने आरोप लगाया था कि स्कूल की स्थिति खराब है और वहां तबेला संचालित हो रहा था। इस दौरान CJP कार्यकर्ताओं पर कथित हमला भी हुआ था, जिस पर अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए संगठन के समर्थन में पोस्ट किया था।

जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान भी मिला समर्थन
CJP के जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान भी AAP नेताओं का समर्थन सामने आया था। नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक के बाद तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन में केजरीवाल ने ऑनलाइन समर्थन जताया था और बाद में प्रदर्शन स्थल पर भी पहुंचे थे।
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके की डिग्री को लेकर सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों के बीच भी केजरीवाल ने उनके समर्थन में पोस्ट साझा की थी। दीपके और आशुतोष रांका, दोनों के AAP से पूर्व जुड़ाव का भी उल्लेख सामने आया है।
ऐसे में पंजाब में CJP के स्कूल ऑडिट को लेकर पायलट का सवाल राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर है कि CJP पंजाब के सरकारी स्कूलों की अपनी पड़ताल को किस तरह आगे बढ़ाती है और कांग्रेस के सवालों पर उसका क्या जवाब आता है।