उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच केदारनाथ यात्रा मार्ग पर लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आ रही हैं। रविवार को केदारनाथ के चीरबासा हेलिपैड के पास पहाड़ से चट्टानें गिरने के कारण 65 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन और राहत दलों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी लैंडस्लाइड होने के कारण यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। बताया जा रहा है कि भीमबली से केदारनाथ के बीच करीब 1,000 यात्री फंसे हुए हैं। इनमें कई यात्रियों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई है। खराब मौसम और रास्ते में मलबा आने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी कर रहे हैं। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रखने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बारिश और पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए यात्रा मार्गों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे मौसम और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। मौसम साफ होने और मार्ग सुरक्षित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।
बिहार के 14 जिलों में बाढ़ का कहर, 48 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
बिहार में लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। राज्य के 14 जिलों के 2,360 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ से 48 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में लोगों को आवागमन, भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य की आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण निचले इलाकों में पानी फैल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और सड़कों पर भी बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। कई जगहों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जरूरत पड़ रही है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। जरूरतमंद लोगों तक भोजन, पीने का पानी और चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नावों और अन्य संसाधनों की मदद से लोगों को राहत पहुंचाई जा रही है।
इसी बीच गंगा का जलस्तर बढ़ने से कोलकाता से वाराणसी जा रहा राजमहल क्रूज भागलपुर में छह दिनों से फंसा हुआ था। क्रूज पर सवार 9 विदेशी नागरिकों समेत 11 पर्यटकों को रविवार को सुरक्षित निकाल लिया गया। पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
बिहार में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन लगातार नदियों के जलस्तर और प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में जलस्तर में होने वाले बदलाव के आधार पर राहत कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
राजस्थान में 36 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट, 16 सितंबर तक मानसूनी सिस्टम का असर
राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने आज राज्य के 36 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश के कारण निचले क्षेत्रों में जलभराव और नदी-नालों के उफान पर आने की स्थिति बन सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम का असर राजस्थान समेत आसपास के क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। इस सिस्टम का प्रभाव 16 सितंबर तक रहने का अनुमान है। इसके चलते राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
तेज बारिश के कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों की परेशानियां बढ़ सकती हैं। सड़कों पर पानी भरने, यातायात प्रभावित होने और जलभराव वाले इलाकों में आवाजाही मुश्किल होने की आशंका है। प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें। नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है।
राजस्थान के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी मानसूनी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। मौसम में बदलाव के कारण कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग सतर्क हैं।
मध्य प्रदेश में तीन मानसूनी सिस्टम एक्टिव, भोपाल समेत कई इलाकों में बारिश
मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में तीन मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं। इन सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। भोपाल समेत कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश हो रही है।
बारिश के कारण कई क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भरने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन रही है। ग्रामीण इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। बड़वानी में नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को जलभराव और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
वहीं, मुरैना में चंबल नदी में नहाने के दौरान पिता-पुत्र की डूबने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है। प्रशासन और पुलिस की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे बारिश के दौरान नदियों और जलाशयों के पास जाने से बचें।
टीकमगढ़ में भारी बारिश के बाद बान सुजारा बांध के चार गेट खोल दिए गए हैं। बांध से पानी छोड़े जाने के कारण आसपास के क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की संभावना है। प्रशासन की ओर से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मध्य प्रदेश में लगातार बारिश के कारण कई जिलों में मौसम का असर जनजीवन पर पड़ रहा है। आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।