मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। रविवार को प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग के कई जिलों में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में निम्न दाब क्षेत्र समेत तीन मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से इंदौर और उज्जैन संभाग के उन इलाकों में भी बारिश हुई, जहां अब तक बारिश की कमी बनी हुई थी। बड़वानी, रतलाम, इंदौर और मुरैना समेत कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। मौसम केंद्र भोपाल ने सोमवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
बड़वानी में नदी-नाले उफान पर, तालाब ओवरफ्लो
रविवार को बड़वानी जिले के सेंधवा क्षेत्र में तेज बारिश के कारण नदी-नाले और तालाब उफान पर आ गए। रलावती में जिले का सबसे बड़ा तालाब ओवरफ्लो हो गया। इससे आसपास के क्षेत्रों में पानी का बहाव बढ़ गया। वहीं, शाजापुर के मक्सी, झाबुआ के पेटलावद, खरगोन के कसरावद और खंडवा में भी मूसलधार बारिश दर्ज की गई। हरदा के वन क्षेत्र में लाखादेह की पहाड़ी नदी उफान पर रही। महू, ओंकारेश्वर और रतलाम सहित कई इलाकों में भी तेज बारिश हुई।
चंबल नदी में नहाते समय पिता-पुत्र डूबे
मुरैना जिले में रविवार को चंबल नदी में नहाने के दौरान पिता-पुत्र के डूबने की घटना सामने आई। बताया गया कि दोनों बाबू महाराज मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। इसी दौरान नदी में नहाते समय वे गहरे पानी में चले गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन को सूचना दी गई। दोनों की तलाश के लिए बचाव अभियान चलाया गया। लगातार बारिश और नदी-नालों में बढ़ते जलस्तर के बीच लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
बान सुजारा बांध के 4 गेट खोले गए
टीकमगढ़ जिले में तेज बारिश के बाद बान सुजारा बांध के चार गेट खोल दिए गए। बांध से पानी छोड़े जाने के बाद आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। वहीं, प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने की स्थिति बनी हुई है। नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से जलभराव और बाढ़ की संभावित स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
सोमवार को उज्जैन समेत 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को मध्य प्रदेश के सात जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इनमें उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, गुना और श्योपुर शामिल हैं। इन जिलों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, आगर-मालवा, शाजापुर और देवास समेत कई जिलों में हल्की से तेज बारिश का अनुमान है। ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड, महाकौशल और विंध्य क्षेत्र में भी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
15 सितंबर के बाद कमजोर हो सकता है सिस्टम
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, 14 सितंबर को भी पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। निम्न दाब क्षेत्र के राजस्थान और गुजरात की दिशा में आगे बढ़ने के दौरान प्रदेश के पश्चिमी जिलों में बारिश का असर बना रह सकता है। हालांकि, 15 सितंबर के बाद प्रदेश में बारिश की तीव्रता और विस्तार में धीरे-धीरे कमी आने का अनुमान है। अगले सात दिनों के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी है।