लखनऊ। सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश अपनी बढ़ती क्षमता को वैश्विक मंच पर पेश करने की तैयारी में है। नई दिल्ली के यशोभूमि (IICC), द्वारका में 17 से 19 सितंबर 2026 तक सेमीकॉन इंडिया 2026 का आयोजन होगा। इसमें योगी सरकार उत्तर प्रदेश के उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और नीतिगत सहयोग को प्रमुखता से सामने रखेगी।
आयोजन में दुनियाभर की सेमीकंडक्टर कंपनियों के प्रतिनिधि, विभिन्न राज्य सरकारें, भारतीय उद्योग जगत, स्टार्टअप और इस क्षेत्र से जुड़े अन्य विशेषज्ञ शामिल होंगे।
ग्लोबल मंच पर दिखेगा यूपी का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम
सेमीकॉन इंडिया 2026 में उत्तर प्रदेश अपने उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की तस्वीर पेश करेगा। इसके लिए प्रचार वीडियो और अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश के मौजूदा बुनियादी ढांचे, नीतिगत सहयोग और भविष्य की तैयारियों को दिखाया जाएगा। राज्य सरकार का फोकस उत्तर प्रदेश को भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के प्रमुख केंद्रों में शामिल करने पर रहेगा।
‘सिलिकॉन टू सिस्टम्स’ होगी आयोजन की थीम
इस वर्ष सेमीकॉन इंडिया का मुख्य विषय ‘Transform Tomorrow – Silicon to Systems: Building Global Supply Chains’ रखा गया है। कार्यक्रम में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की पूरी वैल्यू चेन पर चर्चा और प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान तकनीक, निवेश, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई चेन और भविष्य के लिए जरूरी कार्यबल जैसे विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।
500 से ज्यादा प्रदर्शक होंगे शामिल
सेमीकॉन इंडिया 2026 में 500 से अधिक प्रदर्शकों के शामिल होने की योजना है। करीब 2 लाख वर्गफुट क्षेत्र में प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसमें 10 स्टेट पवेलियन और 7 कंट्री पवेलियन भी होंगे। इसके अलावा 40 स्टार्टअप के लिए अलग स्टार्टअप पवेलियन तैयार किया जाएगा। कार्यक्रम में 150 से अधिक वक्ताओं की भागीदारी होगी। राज्य सरकारों के राउंडटेबल, प्रशिक्षण सत्र, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कंपोनेंट्स पर विशेष ट्रैक और कंट्री राउंडटेबल भी आयोजित किए जाएंगे।
निवेश और भविष्य की तकनीक पर यूपी का फोकस
सेमीकॉन इंडिया 2026 में उत्तर प्रदेश अपनी मौजूदा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और निवेश के अवसरों को भी सामने रखेगा। राज्य की नीतियों, बुनियादी सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ग्लोबल कंपनियों और निवेशकों तक पहुंचाने पर जोर रहेगा। कार्यक्रम के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार सेमीकंडक्टर क्षेत्र में संभावित निवेश और तकनीकी सहयोग के अवसरों को तलाशेगी।
ग्लोबल कंपनियों और राज्यों के बीच बनेगा संवाद
तीन दिवसीय आयोजन में सेमीकंडक्टर उद्योग की बदलती जरूरतों, वैश्विक सप्लाई चेन, निवेश, तकनीक और कुशल कार्यबल जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। विभिन्न राज्यों और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों के बीच संवाद के लिए भी मंच उपलब्ध होगा। उत्तर प्रदेश की भागीदारी का उद्देश्य राज्य के उभरते सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करना और भविष्य के निवेश व तकनीकी साझेदारी के अवसरों को बढ़ाना है।