उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में प्रार्थना सभा को और प्रभावी, संगीतमय और व्यवस्थित बनाने की पहल शुरू की गई है। योगी सरकार संगीत और आधुनिक तकनीक के संगम से 12 प्रेरणादायक प्रार्थनाओं की वीडियो सामग्री तैयार कराएगी। तैयार सामग्री को डिजिटल मंचों पर उपलब्ध कराकर प्रदेश के विद्यालयों तक पहुंचाया जाएगा।
संगीत शिक्षकों की कार्यशाला
बुधवार को राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान (एसआईईटी), निशातगंज में संगीत शिक्षकों और विद्यार्थियों की कार्यशाला आयोजित की गई। एसआईईटी के निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र के निर्देशन में हुई कार्यशाला में चयनित प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
स्टूडियो में होगी रिकॉर्डिंग
इस पहल के तहत लखनऊ मंडल की टीम के सहयोग से 12 प्रार्थनाओं की रीयल टाइम शूटिंग और रिकॉर्डिंग की जाएगी। संगीत शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ स्टूडियो में रिकॉर्डिंग के बाद तकनीकी संपादन कर अंतिम वीडियो तैयार किए जाएंगे।
तकनीक का दिया गया डेमो
कार्यशाला में स्टूडियो रिकॉर्डिंग, कराओके तकनीक, लिरिक्स डिस्प्ले सिस्टम और ऑडियो मिक्सिंग का लाइव डेमो दिया गया। शिक्षकों को रिकॉर्डिंग प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ समूह गायन का अभ्यास भी कराया गया। विद्यालयों में इन प्रार्थनाओं के उपयोग की योजना पर भी चर्चा हुई।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिलेगी सामग्री
एसआईईटी के निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र ने बताया कि रिकॉर्डिंग और संपादन के बाद तैयार वीडियो सामग्री को यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा। विद्यालय और शिक्षक अपनी जरूरत के अनुसार इनका उपयोग प्रार्थना सभा में कर सकेंगे।
इन 12 प्रार्थनाओं की रिकॉर्डिंग
इस पहल के तहत ‘इतनी शक्ति हमें देना दाता’, ‘हमको मन की शक्ति देना’, ‘ऐ मालिक तेरे बंदे हम’, ‘तेरी है जमीन तेरा आसमान’, ‘ओ पालनहारे’, ‘तुम्हीं हो माता पिता तुम्हीं हो’, ‘तू प्यार का सागर है’, ‘ज्योति से ज्योति जगाते चलो’, ‘बादल पे पांव है’, ‘इंसाफ की डगर पे’, ‘हम होंगे कामयाब’ और ‘आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं’ जैसी 12 प्रार्थनाओं को संगीतबद्ध कर वीडियो रूप में तैयार किया जाएगा। कार्यशाला के बाद संगीत शिक्षकों और छात्राओं को एसआईईटी स्टूडियो का भ्रमण कराया गया और रिकॉर्डिंग से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई। लखनऊ मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार ने रीयल टाइम रिकॉर्डिंग को लेकर सुझाव दिए। विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार भी मौजूद रहे, जबकि प्रशासनिक अधिकारी अजीत सिंह ने कार्यशाला का संचालन किया।