राजस्थान की भजनलाल सरकार ने सूबे को एक साथ 76 नई नगरपालिकाओं की सौगात दी। 76 नई नगरपालिकाओं के गठन से विभिन्न जिलों में स्थानीय स्तर विकास की रफ्तार तेज हो जाएगी। वहीं जनता की बरसों पुरानी मांगें भी इनके जरिये पूरी हो गई है। प्रदेश सरकार के इस कदम से नई नगरपालिकाओं के गठन के साथ ही अब प्रदेश में स्थानीय निकायों की संख्या 309 से बढ़कर 385 हो गई है। राज्य सरकार ने नई नगरपालिकाओं के गठन के साथ ही इनके लिए 684 नए पदों को मंजूरी भी दे दी है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के द्वार भी खुले।
लंबित मांगें होंगी पूरी
CM भजनलाल सरकार के इस कदम को शहरी निकायों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। स्थानीय स्तर निकायों में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा फायदा राजधानी जयपुर और झुंझुनूं को मिला है। इन दोनों जिलों में 7-7 नई नगरपालिकाएं गठित की गई। इनके जरिये सरकार ने कई निशाने साधे। एक तरफ जहां छोटे-छोटे कस्बे अब विकास की उड़ान भर सकेंगे वहीं स्थानीय स्तर पर बरसों से लंबित मांगें पूरी होने से लोगों में सरकार के प्रति नजरिया सकारात्मक होने का संदेश भी जाएगा।
नए पदों को स्वीकृति
स्वायत्त शासन विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक नई नगरपालिकाओं के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दृष्टि से इनमें अधिशासी अधिकारी (चतुर्थ) से लेकर कनिष्ठ सहायक तक के नए पद भी स्वीकृत कर दिए गए हैं। इसके तहत
- 76 अधिशासी अधिकारी चतुर्थ के पदों को मंजूरी मिल गई है।
- 76 सहायक राजस्व निरीक्षक और 76 कनिष्ठ अभियंता सिविल के पद भी स्वीकृत किए गए।
- 76 कनिष्ठ लेखाकार और 76 ठोस कचरा प्रबंधक के पद सृजित किए जाएंगे।
- इनके अलावा 76 वरिष्ठ प्रारूपकार
- 76 वरिष्ठ सहायक
- 152 कनिष्ठ सहायक के पदों को मंजूरी दी गई।