भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने और राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए टोरेंट ग्रुप मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है। टोरेंट ग्रुप की विभिन्न चालू और आगामी परियोजनाओं में राज्य में ₹43,000 करोड़ से अधिक का निवेश शामिल है और इनसे युवाओं के लिए 15,000 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को गुजरात के अहमदाबाद में टोरेंट ग्रुप और टोरेंट पावर लिमिटेड के चेयरमैन श्री समीर मेहता से मुलाकात और उनके साथ उच्च स्तरीय चर्चा के बाद यह बात कही। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री नीरज मंडलोई, सचिव श्री जॉन किंग्सले और एमपीआईडीसी के एमडी श्री चंद्रमौली शुक्ला उपस्थित रहे।
अनूपपुर में ₹22,000 करोड़ की लागत से 1,600 MW थर्मल पावर परियोजना
राज्य की दीर्घकालिक बिजली आपूर्ति और बेसलोड क्षमता को मजबूत करने के लिए टोरेंट पावर अनूपपुर जिले में 1,600 MW की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना स्थापित कर रही है। इस परियोजना में लगभग ₹22,000 करोड़ का निवेश होगा और इससे लगभग 7,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MPPMCL) के साथ 27 जनवरी 2026 को पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है और एलएंडटी तथा टाटा प्रोजेक्ट्स सहित प्रतिष्ठित कंपनियों को कार्य सौंपा जा चुका है। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है और साइट पर प्री-कंस्ट्रक्शन गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
पंप्ड स्टोरेज, पवन ऊर्जा और अतिरिक्त थर्मल पावर परियोजनाओं का विस्तार
हरित ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत छिंदवाड़ा जिले में 1,500 MW की पातालकोट पंप्ड स्टोरेज परियोजना पर काम चल रहा है। इस परियोजना में ₹7,500 करोड़ के प्रस्तावित निवेश से लगभग 4,000 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। इसके अलावा, रतलाम और उज्जैन में 250 MW की पवन ऊर्जा परियोजना विकसित की जा रही है, जिसमें ₹2,000 करोड़ का निवेश होगा और लगभग 500 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। समूह पहले से ही मंदसौर में 36 MW की पवन ऊर्जा इकाई का सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है। टोरेंट ग्रुप एक अन्य 800 MW की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना पर भी काम कर रहा है, जिसमें ₹11,000 करोड़ का निवेश होगा और लगभग 3,500 रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 2,800 MW DBFOO टेंडर
राज्य में बढ़ती बिजली की मांग और भविष्य में विश्वसनीय बिजली उपलब्धता की आवश्यकता को देखते हुए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) ने वर्ष 2036-37 तक राज्य के लिए लगभग 1,900 MW अतिरिक्त थर्मल पावर की आवश्यकता का आकलन किया है। इसके अनुसार, राज्य सरकार DBFOO (Design, Build, Finance, Own and Operate) आधार पर 2,800 MW थर्मल पावर क्षमता की खरीद के लिए पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टोरेंट पावर को इस महत्वपूर्ण टेंडर में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
पीथमपुर में फार्मा यूनिट सफलतापूर्वक संचालित; समूह वैश्विक विजन के साथ आगे बढ़ रहा
ऊर्जा क्षेत्र में संचालन के साथ-साथ टोरेंट ग्रुप धार जिले के पीथमपुर में अत्याधुनिक USFDA-अनुमोदित फार्मास्युटिकल विनिर्माण इकाई का सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है। ₹300 करोड़ के निवेश से स्थापित इस इकाई में वर्तमान में 400 से अधिक लोग कार्यरत हैं। अहमदाबाद मुख्यालय वाली समूह की प्रमुख ऊर्जा कंपनी टोरेंट पावर की स्थापित उत्पादन क्षमता लगभग 5.1 GW है और कंपनी वर्ष 2030 तक 10 GW की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। समूह के बहु-क्षेत्रीय निवेश से मध्य प्रदेश के समग्र औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी।
ऊर्जा, फार्मा और सिटी गैस क्षेत्रों में सक्रिय टोरेंट ग्रुप
अहमदाबाद स्थित टोरेंट ग्रुप भारत के प्रमुख औद्योगिक समूहों में से एक है, जिसका संचालन ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स और सिटी गैस वितरण सहित अन्य क्षेत्रों में है। समूह की प्रमुख ऊर्जा कंपनी टोरेंट पावर बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण, नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण के क्षेत्रों में कार्य करती है। कंपनी की स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता लगभग 5.1 GW है। वर्ष 2030 तक लगभग 10 GW की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित करने के लक्ष्य के साथ कंपनी सौर, पवन, हाइब्रिड, बैटरी स्टोरेज और पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं में निवेश कर रही है।