ऑलिव, सरसों या रिफाइंड ऑयल? जानें किस तेल को कैसे करना चाहिए इस्तेमाल

भारतीय खाने में तेल का सही इस्तेमाल

ऑलिव, सरसों या रिफाइंड ऑयल? जानें किस तेल को कैसे करना चाहिए इस्तेमाल

भारत में खाना पकाने के लिए विविध प्रकार के तेलों का इस्तेमाल होता है, और उनके सही इस्तेमाल से स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है।

ऑलिव सरसों या रिफाइंड ऑयल जानें किस तेल को कैसे करना चाहिए इस्तेमाल

हर भारतीय घरों में मसाले के अलावा खाने में तेल सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. नॉर्थ इंडियन डिशेज हो या साउथ इंडियन डिशेज हो सभी चीजों में तेल का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन बाजार में कई तरीके के तेल आते हैं और घरों में अलग-अलग तेल यूज होते हैं. मगर क्या आप जानते हैं कि हर तेल को इस्तेमाल करने का तरीका एक जैसा नहीं होता है, कुछ तेलों को तेज गर्म नहीं किया जाता है. तो वहीं कुछ ऑयल का यूज सिर्फ ड्रेसिंग के लिए किया जाता है. मगर लोग इस बात से अनजान है.भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मुताबिक, आप जिस तरह से खाना पकाने का तेल चुनते और इस्तेमाल करते हैं, उससे आपकी सेहत पर बड़ा असर पड़ सकता है. अगर आप तेल से जुड़ी इन आसान आदतों को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाते हैं तो इससे आपको हेल्दी लाइफस्टाइल और वजन कंट्रोल करने में मदद मिलेगी. 

किस तेल का कैसे करें इस्तेमाल?

भारत में ज्यादातर घरों में सरसों का तेल इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन सबसे ज्यादा जरूरी यह जानना है कि सरसों के तेल को ज्यादा तेज गर्म कर सकते हैं. इसके अलावा राइस ब्रान ऑयल यानी धान की भूसी का तेल भी तेज गर्म किया जा सकता है.

वहीं, तिल का तेल भी लोग घरों में किचन में यूज करते हैं, लेकिन आपको यह बात अहम है कि इसे आप तेज गर्म नहीं कर सकते हैं. तिल के तेल को मिडियम हीट पर ही रखना चाहिए. 

आजकल लोग सोशल मीडिया पर देखकर खाने में ऑलिव और फ्लेक्स सीड्स ऑयल का इस्तेमाल करने लगे हैं. मगर इन दोनों ही तेल को डायरेक्ट या फिर लो हीट में ही यूज करना चाहिए. 

इसलिए यह बात समझना जरूरी है कि आप खाने में कौन-सा तेल इस्तेमाल कर रहे हैं और उसे कैसे यूज करना चाहिए. यह भी समझना अहम है, वरना तेल का आपकी सेहत पर गलत असर भी पड़ सकता है. 

बार-बार तेल गर्म करने से बचें

जब तेल को बार-बार बहुत तेज तापमान पर गर्म किया जाता है, तो उसकी रासायनिक संरचना बदलने लगती है. जो शरीर के लिए बेहद खतरनाक हैं.इसलिए तलने के बाद बचे हुए तेल का दोबारा इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. ऐसा तेल दिल की बीमारियों और डाइजेशन से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है. इसलिए याद रखें कि हेल्दी तेल की आदतें न केवल आपको बीमारियों से बचाती हैं, बल्कि कैलोरी की मात्रा को कंट्रोल कर एक बैलेंस और वजन को कंट्रोल करने में भी मदद करती हैं. 

बार-बार तेल गर्म करने से बनने वाले खतरनाक तत्व

जब तेल अपने स्मोक पॉइंट से ऊपर बार-बार गर्म होता है, तो उसमें थर्मल ऑक्सीडेशन और पॉलिमराइजेशन का प्रोसेस होता है. इससे कई हानिकारक रसायन उत्पन्न होते हैं:

ट्रांस फैट्स
एल्डिहाइड्स
एक्रिलामाइड 
फ्री रेडिकल्स 
पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (PAHs)

FSSAI के अनुसार कुकिंग ऑयल से जुड़ी 5 आसान और सही आदतें

डीप-फ्राई करने के बाद बचे तेल को दोबारा तलने के लिए इस्तेमाल न करें.
कड़ाही में उतना ही तेल डालें जितना उस समय खाना बनाने के लिए चाहिए, ताकि तेल ज्यादा न बचे.
बचा हुआ तेल छानकर रखें और केवल एक बार ही सब्जी/दाल में तड़का लगाने के लिए यूज करें.
तलने के लिए हमेशा सरसों तेल या राइस ब्रान ऑयल जैसे हाई स्मोक पॉइंट वाले तेल ही चुनें.
जब तेल का कलर डार्क हो जाए, गाढ़ापन बढ़ जाए या उसमें झाग/धुआं आने लगे, तो उसे तुरंत फेंक दें

संबंधित सामग्री

स्वतंत्रता दिवस पर ऐसे बनाएं नेचुरल रंगों से तिरंगा व्यंजन, स्वाद के साथ सेहत का भी रखें ख्याल

लाइफ स्टाइल

स्वतंत्रता दिवस पर ऐसे बनाएं नेचुरल रंगों से तिरंगा व्यंजन, स्वाद के साथ सेहत का भी रखें ख्याल

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोग तिरंगे की प्रेरणा से व्यंजन बना रहे हैं, जिसमें कृत्रिम रंगों की जगह प्राकृतिक सामग्री का उपयोग हो रहा है।

मरीजों की जिंदगी बचाने वाली एंबुलेंस बनी ‘स्कूल वैन’! बच्चों को लेकर पहुंची स्कूल, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

राज्य

मरीजों की जिंदगी बचाने वाली एंबुलेंस बनी ‘स्कूल वैन’! बच्चों को लेकर पहुंची स्कूल, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

शहडोल में एंबुलेंस का इस्तेमाल स्कूली बच्चों को पहुंचाने के लिए किया गया, जिससे स्वास्थ्य विभाग और एंबुलेंस सेवा की व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।

MP फर्जी नर्सिंग कॉलेज मामला: हाईकोर्ट ने नर्सिंग काउंसिल रजिस्ट्रार को रिकॉर्ड सहित किया तलब

राज्य

MP फर्जी नर्सिंग कॉलेज मामला: हाईकोर्ट ने नर्सिंग काउंसिल रजिस्ट्रार को रिकॉर्ड सहित किया तलब

जबलपुर हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार को केस रिकॉर्ड के साथ व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी।

एमपी में तीसरे दिन भी भारी बारिश, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

देश-विदेश

एमपी में तीसरे दिन भी भारी बारिश, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

मध्यप्रदेश और मुंबई में भारी बारिश जारी है। भोपाल में स्कूल बंद, कई इलाकों में बाढ़। मुंबई में लैंडस्लाइड से 2 की मौत।

शेयर बाजार में फिर बिकवाली का दबाव, सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा टूटा; निफ्टी 24,400 के नीचे

फाइनेंस

शेयर बाजार में फिर बिकवाली का दबाव, सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा टूटा; निफ्टी 24,400 के नीचे

भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स 200 अंकों से अधिक गिरकर 77,900 पर पहुंचा, निफ्टी 24,400 के नीचे। रियल्टी और FMCG शेयरों में भी दबाव।