हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से टल रहे मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बड़ा संकेत दिया है। मंगलवार, 11 अगस्त को शिमला में अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जल्द कैबिनेट विस्तार हो सकता है। सुंदर सिंह ठाकुर को मंत्री बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस हाईकमान की मंजूरी मिलते ही उनकी शपथ पहले भी हो सकती है। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस की बैठक का इंतजार जरूरी नहीं होगा।
हिमाचल सीएम सुक्खू
मुख्यमंत्री ने इस दौरान बागवानों की उपज खरीद, विश्वविद्यालयों में फीस बढ़ोतरी, जिला परिषद चुनाव, आपदा प्रबंधन और केंद्र से मिलने वाली राहत राशि समेत कई अहम मुद्दों पर सरकार का रुख स्पष्ट किया।
दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंचेंगी अग्निशमन सेवाएं
सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के तहत अग्निशमन सेवाओं को प्रदेश के दूरदराज इलाकों तक पहुंचाने पर काम कर रही है। रोहड़ू, देहा, नेरवा, किलाड़ और पांगी जैसे क्षेत्रों को अग्निशमन विभाग से जोड़ा जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य भविष्य में 28 किलोमीटर के दायरे में अग्निशमन वाहन उपलब्ध कराना है, ताकि आग लगने की स्थिति में राहत और बचाव कार्य समय पर शुरू किया जा सके। इसके साथ ही अग्निशमन विभाग में आधुनिक तकनीक को भी शामिल किया जा रहा है।
बागवानों को 100 बोरी की सीमा से राहत
एमआईएस के तहत उपज खरीद को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बागवानों के लिए 100 बोरी की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार 200, 300, 400 या 500 बोरी तक की उपज भी खरीद सकती है।
इसके लिए एमआईएस पोर्टल पर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। पोर्टल में तकनीकी समस्या आने पर उसे जल्द दूर करने के निर्देश दिए जाएंगे। पुराने मामलों में एसडीएम के नोटिस को लेकर भी बागवानों को अनावश्यक रूप से परेशान न करने के निर्देश अधिकारियों को दिए जाएंगे।
विश्वविद्यालय फीस पर भी CM ने दिया जवाब
विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी के विरोध पर सुक्खू ने कहा कि कई वर्षों से फीस में वृद्धि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों के रखरखाव और शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए समय-समय पर मामूली फीस बढ़ाना जरूरी हो सकता है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि की सीमा पर विचार किया जाएगा। अगर बढ़ोतरी अत्यधिक पाई गई तो कुलपति से चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
जिला परिषद चुनाव पर हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार
शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में देरी को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि मामले में हाईकोर्ट में 17 अगस्त को सुनवाई होनी है। अदालत के निर्देश मिलने के बाद सरकार उनका अध्ययन करेगी और फिर चुनाव की तारीख तय की जाएगी।
सुक्खू ने आरोप लगाया कि निर्धारित दिन कई जिला परिषद सदस्य चुनाव प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए और उन्हें पंचकूला ले जाया गया। उन्होंने कहा कि जिला परिषद, बीडीसी और पंचायत प्रधान के चुनाव राजनीतिक दलों के आधार पर नहीं, बल्कि स्थानीय जनसंपर्क और सामाजिक कार्यों के आधार पर लड़े जाते हैं।
1500 करोड़ की राहत राशि अभी नहीं मिली
केंद्र से घोषित 1500 करोड़ रुपये की राहत राशि को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रकम अभी तक हिमाचल प्रदेश को नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राशि जारी करने का आग्रह करेंगे।
सुक्खू ने भाजपा नेताओं से भी अपील की कि विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले वे केंद्र सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाएं, ताकि प्रदेश को घोषित राहत राशि जल्द मिल सके।

आपदा प्रबंधन को लेकर सरकार तैयार
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयार है। प्रदेश पहले ही दो बड़ी आपदाओं का सामना कर चुका है, जिससे प्रशासन के साथ आम लोगों को भी आपदा प्रबंधन का अनुभव मिला है।
उन्होंने जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों का जिक्र करते हुए कहा कि हिमाचल में इसके परिणाम स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। भविष्य में उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में भी इसका असर बढ़ सकता है।
इसी बीच मुख्यमंत्री ने बताया कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के 14 अगस्त के आसपास शिमला दौरे पर आने की संभावना है। ऐसे में कैबिनेट विस्तार को लेकर उनके ताजा संकेतों ने हिमाचल की सियासत में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है।