कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू शुक्रवार को दिल्ली से शिमला लौट आए। मुख्यमंत्री के वापस लौटते ही हिमाचल प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों में फेरबदल को लेकर सियासी चर्चाओं ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। हालांकि, फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर तस्वीर पहले की तरह ही बनी हुई है।
दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका वाड्रा, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, सुक्खू ने कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के साथ अलग से भी बैठक की। इन मुलाकातों को प्रदेश सरकार और संगठन से जुड़े आगामी फैसलों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
क्षेत्रीय और जातीय समीकरण ने बढ़ाई चुनौती
हिमाचल में मंत्रिमंडल विस्तार के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को लेकर बताई जा रही है। 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस हाईकमान सरकार और संगठन में विभिन्न क्षेत्रों और प्रमुख सामाजिक वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर काम कर रहा है।
ऐसे में किसी मौजूदा मंत्री को हटाकर नए चेहरे को मंत्रिमंडल में शामिल करने का फैसला आसान नहीं माना जा रहा। पार्टी के भीतर यह आशंका भी है कि एक क्षेत्र या वर्ग को साधने की कोशिश में दूसरे वर्ग में असंतोष पैदा हो सकता है। यही वजह है कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अंतिम निर्णय में लगातार सावधानी बरती जा रही है।
इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सोलन दौरे की भी चर्चा है। बताया जा रहा है कि वह इसी महीने सोलन में एक रैली को संबोधित कर सकते हैं। वहीं, प्रियंका वाड्रा का मंडी दौरा पहले से तय बताया जा रहा है। इन राजनीतिक कार्यक्रमों को भी प्रदेश में पार्टी की आगामी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
कंडाघाट में बच्चों ने CM से की ढाबे की शिकायत
दिल्ली से शिमला लौटते समय मुख्यमंत्री सुक्खू का काफिला शुक्रवार को कंडाघाट में कुछ देर के लिए रुका। इस दौरान बच्चों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इसी बीच हाईवे किनारे स्थित एक ढाबे में खाने की गुणवत्ता को लेकर बच्चों ने मुख्यमंत्री से शिकायत की।
मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने मौके पर ही सोलन के उपायुक्त (DC) को संबंधित ढाबे में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच कराने को कहा।
मुख्यमंत्री के इस निर्देश के बाद प्रशासन की ओर से ढाबे में खाद्य गुणवत्ता की जांच की कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। दिल्ली दौरे से लौटने के बाद अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि हिमाचल सरकार और कांग्रेस संगठन में आगामी दिनों में कौन से बड़े राजनीतिक फैसले लिए जाते हैं।