बिहार में लगातार बारिश के चलते बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। प्रदेश के कई जिलों में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। पटना में गंगा नदी खतरे के निशान से करीब 2 फीट ऊपर बह रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। राज्य के 13 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि 8 प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
निचले इलाकों में बढ़ी परेशानी
गंगा और दूसरी नदियों के बढ़ते जलस्तर का सबसे ज्यादा असर निचले इलाकों में देखने को मिल रहा है। कई गांवों और बस्तियों में पानी पहुंचने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है और राहत-बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
काशी में 407 परिवारों ने छोड़े घर
उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। वाराणसी में वरुणा नदी के किनारे रहने वाले 407 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। अब तक करीब 2,910 लोग विस्थापित हो चुके हैं। प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।
36 नावों से राहत-बचाव अभियान
काशी में बाढ़ प्रभावित इलाकों तक राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए 36 नावें लगाई गई हैं। प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रही हैं। लोगों से नदी और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की जा रही है।
हिमाचल में बारिश से 175 सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बुधवार रात कई इलाकों में तेज बारिश के बाद लैंडस्लाइड हुआ, जिसके चलते 175 से ज्यादा सड़कें बंद हो गईं। कालका-शिमला फोरलेन पर भारी मात्रा में मलबा गिरने से यातायात प्रभावित हुआ।
रातभर फंसी रहीं गाड़ियां
कालका-शिमला फोरलेन पर मलबा गिरने के बाद कई वाहन रातभर सड़क पर फंसे रहे। प्रशासन और सड़क एजेंसियों की टीमें मलबा हटाने में जुटी हैं। मौसम को देखते हुए लोगों को पहाड़ी इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
तीन राज्यों में बाढ़-बारिश का अलर्ट
बिहार, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में बारिश और बाढ़ ने एक साथ मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं तो कहीं लैंडस्लाइड के कारण सड़कें बंद हैं। प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं, जबकि प्रभावित इलाकों में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।