पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान अब सार्वजनिक मंच पर खुलकर सामने आ गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और गुरदासपुर से कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कई गंभीर टिप्पणियां की हैं।
एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में रंधावा ने न केवल पार्टी नेतृत्व को आत्ममंथन की सलाह दी, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था और भगवंत मान सरकार को भी कठघरे में खड़ा किया।
सुखजिंदर सिंह रंधावा
वड़िंग पर साधा निशाना, कहा- सार्वजनिक मंचों पर करते हैं अपमान
पार्टी के भीतर चल रही खींचतान पर बोलते हुए रंधावा ने कहा कि कांग्रेस में किसी तरह का विभाजन नहीं है, बल्कि केवल वैचारिक मतभेद हैं। हालांकि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग की कार्यशैली पर असंतोष जाहिर किया। रंधावा ने कहा कि उन्होंने वड़िंग के प्रदेश अध्यक्ष बनने पर दिल्ली से उन्हें बधाई संदेश भेजा था, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि वह राजा वड़िंग को अपना छोटा भाई और नेता मानते हैं, लेकिन कई बार सार्वजनिक मंचों पर किए गए उनके मजाक उन्हें अपमानित महसूस कराते हैं। रंधावा के मुताबिक, वरिष्ठ नेताओं को सम्मान देना संगठन को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है।
बाजवा को भी दी नसीहत, कहा- सभी को साथ लेकर चलें
प्रताप सिंह बाजवा के साथ कादियां में हुई पुलिस की कथित बदसलूकी का जिक्र करते हुए रंधावा ने इसे नेतृत्व की शैली से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि यदि बाजवा अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी साथ लेकर चलते, तो हालात अलग होते और पुलिस को ऐसी हरकत करने की हिम्मत नहीं होती। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी के भीतर सामूहिक नेतृत्व की भावना को मजबूत करने की जरूरत है।
‘पार्टी बचानी है तो छोड़नी होगी ईगो’
रंधावा ने कहा कि वर्तमान राजनीति में एकतरफा नेतृत्व का दौर समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मजबूत बनाए रखने के लिए नेताओं को व्यक्तिगत अहंकार छोड़कर संगठन हित में काम करना होगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पार्टी के हित में उन्होंने अपनी पुरानी राजनीतिक कटुता को भुलाकर वरिष्ठ नेता राणा गुरजीत सिंह से भी मुलाकात की थी।
गैंगस्टर और ड्रग्स के मुद्दे पर अमित शाह से मुलाकात का बचाव
अमित शाह
भाजपा नेताओं से नजदीकियों के आरोपों पर सफाई देते हुए रंधावा ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ पहुंच रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके क्षेत्र में गैंगस्टर नेटवर्क सक्रिय हैं और आम लोग रंगदारी की धमकियों से परेशान हैं। ऐसे में लोगों की सुरक्षा और न्याय के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करना उनकी जिम्मेदारी थी।
मान सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर हमला
राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए रंधावा ने आरोप लगाया कि पंजाब में अपराध और रंगदारी की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जेलों के भीतर से गैंगस्टर नेटवर्क संचालित होने की सूचनाएं मिल रही हैं, लेकिन सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अब सरकार से जवाब मांगने का समय आ गया है।
पंजाब सीएम भगवंत मान
पंजाब में भाजपा की संभावनाओं को खारिज करते हुए रंधावा ने कहा कि राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों में भाजपा के लिए सत्ता तक पहुंचना बेहद मुश्किल है। वहीं बेअदबी और गोलीकांड मामलों पर उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल को घेरते हुए कहा कि इन मामलों में राजनीतिक नाटक अधिक और कार्रवाई कम दिखाई दे रही है। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी सवाल किया कि लंबे समय बाद भी कई महत्वपूर्ण मामलों में अपेक्षित कार्रवाई क्यों नहीं हुई।