डीडवाना-कुचामन जिले में शादी, धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में खाद्य सुरक्षा को लेकर नई गाइडलाइन लागू की गई है। इसका उद्देश्य फूड पॉइजनिंग और खाद्य जनित बीमारियों को रोकना है। नई SOP के तहत बड़े आयोजनों में भोजन तैयार करने और परोसने वालों के लिए खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य किया गया है।
हलवाई और कैटरर के लिए FSSAI जरूरी
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय की SOP के मुताबिक हलवाई, कैटरर और बड़े स्तर पर भोजन तैयार करने वाले सभी लोगों के पास वैध FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण होना जरूरी है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने जिले के हलवाई और कैटरर्स से जल्द लाइसेंस लेने और निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है।
बिना लाइसेंस वालों का होगा सर्वे
प्रशासन अब जिले में हलवाई और कैटरर्स का सर्वे कराने जा रहा है। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे कारोबारियों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं, जो बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार कर रहे हैं। उन्हें लाइसेंस लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
शादी से पहले देनी होगी लिखित सूचना
नई SOP के तहत बड़े सामूहिक भोज या कार्यक्रम के आयोजक अथवा कैटरर को आयोजन से पहले खाद्य सुरक्षा अधिकारी को लिखित सूचना देनी होगी। इसमें कार्यक्रम की तारीख, समय, स्थान, मेहमानों की संख्या, खाना बनाने की जगह और हलवाई या कैटरर का FSSAI लाइसेंस नंबर जैसी जानकारी देनी होगी।
मैरिज गार्डन की भी जिम्मेदारी तय
मैरिज गार्डन, बैंक्वेट हॉल, होटल और फार्म हाउस संचालकों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। उन्हें अपने परिसर में केवल वैध FSSAI लाइसेंसधारी हलवाई या कैटरर को ही काम देने की अनुमति होगी। साथ ही आयोजन से जुड़े रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखने होंगे। खाद्य सुरक्षा अधिकारी जोखिम के आधार पर बड़े आयोजनों की निगरानी करेंगे।
खाने की गुणवत्ता और सफाई पर नजर
अधिकारियों की ओर से जरूरत के अनुसार भोजन के नमूने लिए जा सकते हैं। मौके पर साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था की भी जांच होगी। SOP में साफ पेयजल, व्यक्तिगत स्वच्छता, भोजन के सुरक्षित भंडारण, तापमान नियंत्रण और खाना बनाने की स्वच्छ व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है।
कचरा प्रबंधन भी जरूरी
आयोजन स्थल पर कचरे के उचित निपटान की व्यवस्था करना भी जरूरी होगा। प्रशासन का उद्देश्य केवल लाइसेंस की जांच करना नहीं, बल्कि शादी और बड़े आयोजनों में लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है। नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की जा सकती है।