मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को चारधाम यात्रा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में उन्होंने यात्रा से जुड़े जिलों के डीएम से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
66 लाख से ज्यादा यात्रियों का पंजीकरण
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा के लिए अब तक 66,07,749 श्रद्धालुओं का पंजीकरण हो चुका है। वहीं, 50,56,160 श्रद्धालु धामों में दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बढ़ती श्रद्धालु संख्या को देखते हुए यात्रा मार्गों और धामों में व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत रखने के निर्देश दिए।
भूस्खलन वाले क्षेत्रों पर नजर
CM धामी ने मौसम और भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने को कहा। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा बल और रेस्क्यू टीम तैनात रखने के साथ ही जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए। केदारनाथ पैदल मार्ग के चीरबासा और भैरव ग्लेशियर क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। इसके अलावा सयानाचट्टी और ज्योतिर्मठ-मारवाड़ी मार्ग पर भी विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए।
यमुनोत्री मार्ग पर भीड़ प्रबंधन
मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री धाम से करीब 500 मीटर पहले दूसरा घोड़ा पड़ाव विकसित करने के निर्देश दिए। डंडी-कंडी सेवाओं को व्यवस्थित करने, खरसाली से वैकल्पिक मार्ग तैयार करने और सूर्यकुंड क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया। पैदल मार्ग पर यात्रियों और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही को तय व्यवस्था के अनुसार नियंत्रित करने के निर्देश भी दिए गए।
सड़क और चिकित्सा सुविधाओं पर जोर
बैठक में यमुनोत्री पैदल मार्ग के चौड़ीकरण और गंगोत्री मार्ग के चौड़ीकरण व गड्ढामुक्त करने के काम में तेजी लाने को कहा गया। यात्रा मार्गों पर पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रखने के साथ मोबाइल नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में आपात संचार व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। धामों में अलाव सहित जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था और यात्रा व्यवस्थाओं के औचक निरीक्षण पर भी मुख्यमंत्री ने जोर दिया।
हेली टिकटों की कालाबाजारी पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने हेली सेवाओं के टिकट निर्धारित दरों पर ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित दर से अधिक वसूली या अनधिकृत टिकट बिक्री की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर ही हेली सेवाओं का संचालन करने के निर्देश दिए गए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। CM धामी ने जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा के दौरान किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में त्वरित कार्रवाई और रेस्क्यू व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध हो सके।